सांप पकड़ने का शौक बन रहा रोजगार का साधन
-वन विभाग संविदा पर कर रहा है भर्ती
-हर्ष ने पाई नौकरी,मिल रहा 12400 मानदेय
मनोज आर्या,रुद्रपुर।
ख़बर तफ्तीश-कहावत है कि हुनर रखने वाला कभी किसी का मोहताज नहीं होता है। खासतौर पर जब कोई युवक जान जोखिम में डालकर किग कोबरा जैसे खतरनाक सांप पकड़ने का शौक रखता हो और यही शौक उसका रोजगार का साधन बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने सांप पकड़ने के शौकीन युवाओं को संविदा पर नौकरी देनी शुरू कर दी है। जिस को लेकर ऊधमसिंह नगर को तीन सर्किल में बांट दिया है।
12400 रुपये प्रतिमाह की नौकरी पाने वाले हर्ष बठला ने बताया कि वह आठ साल पहले शौकिया तौर पर सांप पकड़ता था और वर्ष 2024 में उसकी मुलाका त दोस्त से हुई। बताया कि वन विभाग प्रभाग संविदा पर नौकरी दे रहा है। वन प्रभाग टांडा रेंज के अधिकारियों से संपर्क किया था। वर्तमान में वह पिछले चार साल से अनगिनत किंग कोबरा जैसे जानलेवा सांप पकड़ चुका है और कई जिंदगियों बचा भी चुका है। सांप पकड़ने वाले युवक हर्ष ने बताया कि काम जोखिम भरा होता है और जरा सी चूक जिंदगी को खतरे में डाल सकती है,लेकिन बेरोजगारी से अच्छा है कि संविदा का रोजगार मिलना। संविदा पर स्नैक केचर को सर्किल वार बांटा गया है। रुद्रपुर सर्किंल में दिनेशपुर,गदरपुर सहित आसपास के इलाके आते है।
——————-
स्थानीय स्तर पर होती है भर्ती
रुद्रपुर। संजय वन टांडा वन रेज प्रभाग द्वारा स्थानीय स्तर पर स्नैक केचर की भर्ती होती है। भर्ती से पहले युवक को सावधानीपूर्वक सांप को पकड़कर दिखा ना होता है और फिर उसकी तैनाती सर्किल वार होती है। संविदा भर्ती में यह भी व्यवस्था है कि स्थानीय स्तर के हुनरबाज युवक को ही प्राथमिकता दी जाती है। ताकि शहरी हो या ग्रामीण इलाका। सूचना मिलने पर स्नैक केचर मौके पर पहुंचे और सांप को पकड़कर सुरक्षित छोड दे।
——————-
रुद्रपुर वन विभाग कार्यालय के वन दरोगा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक ही स्नैक केचर को संविदा पर भर्ती किया जाता है। खटीमा, काशीपुर और रुद्रपुर सर्किल में एक-एक युवक की तैनाती है। सूचना मिलते ही स्नैक केचर सांप को पकड़ते है। संविदा स्नैक केचर को 12400 रुपये का प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। बरसात के दिनों में सर्पदंश की घटनाएं होती है। जिसकी रोकथाम के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।
——————–

-कहावत है कि हुनर रखने वाला कभी किसी का मोहताज नहीं होता है। खासतौर पर जब कोई युवक जान जोखिम में डालकर किग कोबरा जैसे खतरनाक सांप पकड़ने का शौक रखता हो और यही शौक उसका रोजगार का साधन बन जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने सांप पकड़ने के शौकीन युवाओं को संविदा पर नौकरी देनी शुरू कर दी है। जिस को लेकर ऊधमसिंह नगर को तीन सर्किल में बांट दिया है।