बदमाश भदौडा मामला,इंस्पेक्टर विक्रम हो सकते है सस्पेंड
-एसएसपी की संस्तुति,आईजी की होगी मोहर
-14(1) की कार्रवाई भी शुरू,एसपी क्राइम करेगी जांच
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
यूपी के कुख्यात गैंगस्टर और एक लाख के इनामी बदमाश को योजनाबद्ध तरीके से तमंचे में गिरफ्तार करने प्रकरण में घिरे इंस्पेक्टर पर निलंबन की कार्रवाई कभी भी हो सकती है,क्योकि एसएसपी ने संस्पैड की संस्तुति कर आईजी कार्यालय को प्रेषित कर दी है। वहीं आईजी कुमाऊं उस पर अंतिम मोहर लगा सकती है। इसके अलावा इंस्पेक्टर के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए एसपी क्राइम को भी जांच सौंपी है।
बताते चले कि आठ जुलाई 2026 को तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी विक्रम राठौड़ द्वारा यूपी के गैंगस्टर एवं कुख्यात बदमाश योगेश भदौड़ा को एक तमंचे में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी काशीपुर के चैती मेला मार्ग स्थित खंडहर के समीप से दिखाई दी थी। गिरफ्तारी प्रकरण में संदेह हुआ,तो एसएसपी अजय गणपति कुंभार द्वारा प्रारंभिक जांच कराई। तो मामला यह निकला कि इंस्पेक्टर द्वारा योजनाबद्ध तरीके से पहले 112 हेल्पलाइन नंबर से फोन कराया था और फिर आईटीआई पुलिसकर्मी भेजकर गिरफ्तारी कराया था। आरोप तय हुआ कि इंस्पेक्टर ने पद का दुरुपयोग करते हुए कुख्यात बदमाश को यूपी एसटीएफ के हत्थे नहीं चढ़ने दिया। मामला चलता रहा और फिर एसएसपी द्वारा निलंबन संस्तुति की एक रिपोर्ट तैयार कर आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती को प्रेषित की। साथ ही 14(1) यानी कठोर दंडात्मक कार्रवाई के लिए एसपी क्राइम अनुषा बडोला को तफ्तीश सौंप डाली। अब देखना यह है कि आईजी कुमाऊं निलंबन की कार्रवाई पर कब मुहर लगाती है। हालांकि इंस्पेक्टर विक्रम की मुश्किलें कम होने की बजाए बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
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पिथौरागढ़ में तैनात है आरोपी इंस्पेक्टर
रुद्रपुर। आठ जुलाई को गैंगस्टर योगेश भदौडा को महज तमंचे में गिरफ्तार किए जाने का मामला इतना चर्चाओं में आया कि यूपी एसटीएफ ने भी गिरफ्तारी पर सवाल खड़े कर दिए थे। मामला चर्चा में आया,तो आरोपी इंस्पेक्टर विक्रम को लाइन हाजिर कर किया था,लेकिन स्थानांतरण सूची आने के बाद वर्तमान में इंस्पेक्टर का पिथौरागढ़ तबादला कर दिया गया और प्रकरण की जांच जारी रही।
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बोले एसएसपी,ईमानदार अधिकारियों की है जरुरत
रुद्रपुर। एसएसपी अजय गणपति कुंभार का सख्त रुख देकर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। एसएसपी का कहना था कि जिले में ईमानदार और दायित्वों का निस्वार्थ भाव से कार्य करने वालों की जरूरत है। उनके द्वारा निलंबन संस्तुति रिपोर्ट आईजी कार्यालय भेजी है। हालांकि बदमाश की गिरफ्तारी प्रकरण में लेनदेन के साक्ष्य सामने नहीं आए है,लेकिन प्रारंभिक जांच योजनाबद्ध तरीके से गिरफ्तार करना साबित हो चुका है। बावजूद इसके 14(1) के तहत दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रयास होगा।
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