आखिर कब थमेगी मौत की रफ्तार,सालभर में 425 हादसे

-295 की मौत,388 हुए गभीर घायल

-ओवर लोड़ ओर तेज रफ्तार बनी वजह

खबर तफ्तीश रुद्रपुर।

 उधमसिंहनगर में अगर सिर्फ सालभर के सड़क हादसों की बात करें। तो आंकड़े वास्तव में चौकाने वाले देखने को।मिले। जहा सैकड़ों सड़क हादसों में सेकड़ो लोग आपनी जिंदगी को गवा चुके हैं। वहीं उतने ही गंभीर घायल होकर अपाहिज की जिंदगी जीने को विवश हैं। यह भी देखा गया है कि हाइवे पर मौत की वजह ओवरलोड तेज रफ्तार वाहन ही है और इस वर्ष भी हादसों में 15 फीसदी का इजाफा भी हुआ।

सीमावर्ती यूपी से सटा उधमसिंहनगर का जिला मुख्यालय हैं और अक्सर अधिकारी हो या फिर वीआईपी का आगमन होता ही रहता है। बावजूद हादसों का ग्राफ कम नही हो रहा। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में 424 सड़क हादसे हुए और 295 लोगो की दर्दनाक मौत हुई। हादसे में 338 लोग गभीर रूप से घायल हुए।।जिनमें से ज्यादातर लोग अपाहिज की जिंदगी जीने को बेबस है। कई मा के बेटे और बहनो का भाई जान गवा चुका है,लेकिन हादसों का ग्राफ कम नही हो रहा। ऐसे ही वर्ष 2026 अक्टूबर के हादसों को देखे। तो 15 फीसदी की बढ़ोतरी सामने आए हैं। अब सवाल यह उठता है कि आखिर कार कब तक सड़कों पर मौत की रफ्तार कम होगी और क्या राहगीर बेखौफ होकर सफर कर पाएंगे। जानकरों का मानना है कि जब तक यातायात के नियमों का।कड़ाई से पालन,ओवर लोड भारी वाहनों की आवाजाही और वाहनो की रफ्तार धीमी नही होगी। हादसो से जिंदगी जाती रहेगी।

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कोड़

पाँच हाइवे बने मौत का मार्ग

रुद्रपुर। खासतौर पर जिला मुख्यालय रुद्रपुर की बात करे। तो सबसे ज्यादा सड़क हादसे सितारगंज-पंतनगर हाइवे,रुद्रपुर-किच्छा हाइवे और पुलभट्टा थाना इलाका बेहद ही सवेदनशील हैं। आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा सड़क हादसे इन्हीं मार्गों पर देखने को मिले है और पुलिस प्रशासन द्वारा एक्सीडेंटल जॉन घोषित कर दिया है। बावजूद हादसे थम नही रहे है। जो सोचनीय विषय है।

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कोड़

हादसों की रोकथाम को प्रयास जारी

रुद्रपुर। एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने बताया कि सड़क हादसों को रोकथाम को पुलिस निरतंर कोशिश कर रहीं है और कुछ दिनों से बिना हेलमेट,ओवर लोड वाहन,ट्रिपल राइडिंग,तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ अभियान भी चला रही हैं। सभी सवेदनशील अति सवेदनशील मार्गों पर संकेतक लगे हैं। वाबजूद रोकथाम को लेकर एक बार फिर मंथन कर अभियान संचालित होगा।

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