आखिरी सांस तक मां की ममता का करती रही इंतजार
– 48 घंटे बाद नवजात बच्ची की हुई मौत
– चर्च के अंदर फेंकना चाहती थी बेरहम माँ
मनोज आर्य, रुद्रपुर।
जहा एक तरफ नवरात्र पर बच्चियों को पूजते हैं। वहीं एक नवजात बच्ची इतनी अभागन पैदा होगीं कि आख़िरी सास तक अपनी माँ की ममता को तरसती रहेगी और 48 घटे से अधिक जिंदगी ओर मौत के बीच संधर्ष करती नवजात ने उपचार के दौरान दम तोड दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम हल्द्वानी पहुंची और नवजात के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। जांच में यह भी पता चला कि खुद माँ ने ही अपनी बच्ची को छोड़ने के लिए हामी भरी थीं।
पुलिस तफ्तीश में यह सामने आया कि 16 अक्टूबर की तड़के नवजात बच्ची का जन्म बिलासपुर यूपी के एक अस्पताल में हुआ था और उस वक्त जच्चा- बच्चा का 17 अक्टूबर की दोपहर तक ईलाज चलता रहा। जैसे ही डॉक्टर ने नवजात को हायर सेंटर रेफर किया। वैसे ही माँ और नानी ने मिलकर बच्ची को फेंकने की योजना बनाई और शाम छह बजे चर्च मार्ग की रेकी की ओर फिर चर्च में प्रवेश किया। तो भीड़भाड़ होने की वजह से माँ और नानी पास ही खड़ी कार के नीचे रखकर फरार हो गए। शाम सवा छह बजे से नवजात बच्ची माँ की ममता ओर नानी के दुलार को तरसती रही ऒर 48 घटे के करीब जिंदगी-मौत से जूझती रही। आखिरकार रविवार की देर शाम हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में नवजात की मौत हो गई। आखिरी सास तक इंतजार करती रही।
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