नवजात बच्ची मामला:-माँ-बेटी और किराएदार युवक गिरफ्तार
-गंभीर बीमारी से ग्रसित थी नवजात बच्ची
-मारना नही,बल्कि लावारिस छोड़ना था मकसद
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
कोतवाली इलाके की आदर्श कॉलोनी चौकी हल्का में हुई अमानवीय और शर्मसार करने वाली नवजात बच्ची मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया और घटना की आरोपी माँ -बेटी और किराएदार को गिरफ्तार कर लिया है। खुलासे में यह बताया गया कि बच्ची पैदाइशी गंभीर बीमारी से ग्रसित थीं और डॉक्टरों ने हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी थीं,लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नही थी और लोक लज्जा का भय भी सत्ता रहा था और अभियुक्तों ने बच्ची को लावारिस हालत ने छोडने का फैसला लिया। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के मकसद से नही ,बल्कि बच्ची को लावारिस छोड़ना ही मकसद था। ताकि कोई शख्स नवजात को अपना कर बेहतर उपचार कर सकें। पुलिस ने अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर दिया है। सीओ सदर विभव सैनी ने बताया कि 17 अक्टूबर की शाम सवा छह बजे पुलिस द्वारा इंद्रा कॉलोनी-सिंह कॉलोनी मुख्य मार्ग स्थित चर्च मार्ग पर खड़ी एक कार के नीचे से नवजात बच्ची को बरामद किया था और गभीर हालत में जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड के आईसीयू में भर्ती कराया गया था,लेकिन नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर ने हल्द्वानी रेफर कर दिया ऒर चौकी प्रभारी प्रदीप पंत की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज में कैद संदिग्धों को चिन्हित किया जाने लगा ऒर 19 अक्टूबर की सुबह मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने नवजात की माँ शीतल देवी,नवजात की नानी लीलावती निवासी आजाद नगर ट्रांज़िट कैम और मुनीश पाल निवासी आजाद नगर व मूलरूप से भगवंतपुरा शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों का कहना था कि नवजात का जन्म 16 अक्टूबर को यूपी के एक अस्पताल में हुआ था और पैदा होते ही नवजात को सास लेने सहित कई गंभीर बीमारी की शिकायत हुई और डॉक्टर ने हायर सेंटर रेफर किया था और आर्थिक हालात ठीक नहीं होने की वजह से माँ-बेटी ने बच्ची को लावारिस छोड़ने की योजना बनाई ऒर किराएदार को बाइक के साथ फेकने में अपना मददगार बनाया था। प्रारंभिक पूछताछ में अभियुक्तों का कबूलनामा था कि वह बच्ची को मारना नहीं,बल्कि लावारिस स्थिति में छोड़ने का मकसद था। ताकि कोई रहम दिल इंसान बच्चों को अपना कर उसका इलाज कराया सके। पुलिस ने अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जांच करने का फैसला लिया। सीओ का कहना था कि यदि जाँच में अभियुक्तों को कहानी झूठी पाई जाती है या फिर किसी की भी भूमिका सामने आती हैं। तो पुलिस कठोर कार्रवाई करेगी।
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आखिर कौन होगा असली माँ-बाप
रुद्रपुर। नवजात बच्ची मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि पूछताछ ऒर गिरफ्तार अभियुक्ता शीतल नवजात को अपनी बेटी बता रही हैं। क्या उसका दावा सही है ऒर बच्ची का बाप कौन हैं। इसके लिए पुलिस ने सभी अभियुक्तो का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। कोतवाल संजय पाठक ने बताया कि चूंकि बच्ची की मौत हो चुकी हैं। तो मामला गभीर हो गया है और जल्द ही डीएनए सेंपल जांच को भेजे जाएंगे। तभी अनसुलझी गुत्थी साफ होंगी।
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91 बीएनएसएस के तहत होंगी तफ्तीश
रुद्रपुर। नवजात बच्ची बरामदगी और मौत हो जाने के भी कोतवाली पुलिस ने दर्ज 91 बीएन एसएस की धारा के तहत ही जांच करने का फैसला लिया। बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह पुष्टि करेगी। क्या वास्तव में बच्ची गभीर बीमारी से ग्रसित थी और मौत की असल वजह क्या है। 91 बीएन एस का मतलब यदि कोई व्यक्ति बच्चे के जन्म से पहले ऐसा कोई कार्य करता हैं। जिससे बच्चा जीवित पैदा नही हो या जन्म के तुरंत बाद उस की मौत हो जाए। इस धारा में 10 साल की सजा का भी प्रावधान हैं।
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