रम्पुरा चौकी का रहस्य:-सालभर में आठ दरोगा की विदाई

-दो माह भी टिक नहीं पा रहे चौकी प्रभारी

-काम का दबाव या फिर अनुभव की है कमी

खबर तफ्तीश ,रुद्रपुर।

ऊधमसिंह नगर मुख्यालय की कोतवाली रुद्रपुर की रम्पुरा चौकी पिछले कुछ दिनों से चर्चा का विषय बनी है, क्योकि सालभर के अंदर आठ चौकी प्रभारियों के तबादले हो चुके है और कई ऐसे दरोगा भी है। जिन के द्वारा कार्यभार भी ग्रहण नहीं किया। ऐसे में सवाल लाजमी है कि क्या चौकी इलाके में काम का ज्यादा दबाव है या फिर अनुभव की कमी है।

बताते चले कि कोतवाली रुद्रपुर इलाके में आने वाली रम्पुरा पुलिस चौकी में इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। चर्चा यह है कि चौकी का ऐसा कौन सा रहस्य है। जहां चौकी प्रभारी महज दो माह ही टिक पाते है। नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 के आंकड़ों को देखे। तो अप्रैल 2025 में दरोगा प्रदीप कोह ली को कार्यकाल थोडा संतोषजनक और ज्यादा रहा। उसके बाद विजेंद्र बालियान,बेलवाल,काविन्द्र शर्मा,चंदन सिंह बिष्ट,पंकज कुमार, दीपक कौशिक के बाद इसी माह महेश कांडपाल को प्रभारी की नई जिम्मेदारी दी है। यह भी सामने आया है कि आठ दरोगाओं में से ज्यादातर का कार्यकाल दो माह से ज्यादा नहीं टिक पाया। सवाल यह उठता है कि क्या रम्पुरा चौकी इलाके में काम का ज्यादा दबाव है या फिर प्रभारियों में अनुभव की कमी है। अभी तक इसी चौकी के रहस्य से पर्दा नहीं उठा।

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किसका ज्यादा,किसका रहा कम

रुद्रपुर।रम्पुरा चौकी हल्का की बात करे। तो सबसे ज्यादा सात माह का कार्यकाल प्रदीप कोहली का रहा और सबसे कम दीपक कौशिक और विजेंद्र बालियान का कार्यकाल 10 से 15 दिन का ही रहा। इसके अलावा एक दरोगा जी द्वारा तो कार्य भार ग्रहण ही नहीं किया और कार्यभार ग्रहण करने से इंकार कर दिया। अब देख ना यह है कि नये प्रभारी महेश कांडपाल का कार्यकाल कितना रहेगा।

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व्यवस्था को सुधारना ही है मकसद

रुद्रपुर। एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने बताया कि रम्पुरा चौकी का इलाका संवेदनशीलता की श्रेणी में आता है और तबादला प्रक्रिया सामान्य प्रक्रिया है,लेकिन हर दरोगा को भीड़भाड़ व संवेदनशील चौकी दी जाती है। ताकि इलाके की कानून व्यवस्था को सुधारा जा सके। कुछ इस परीक्षा में सफल हो जाते है और कुछ दायित्व को पूरा नहीं कर पाते है। सभी पुलिस कर्मियों में अनुभव की कोई कमी नहीं हे। व्यवस्था सुधारना ही मकसद है।

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