रेड:-72 घंटे बाद भी जांच का शिकंजा, ईडी-आयकर की पड़ता ल जारी

-खरीद फरोख्त के अलावा कई बिंदुओं पर टिकी जांच

-अहम दस्तावेज जब्त,बड़े खुलासे के संकेत

ख़बर तफ्तीश , रुद्रपुर।

 पिछले तीन दिन यानी 72 घटे की कड़ी पूछताछ के बाद आखिरकार ईडी और आयकर विभाग की जांच अभी पूरी नही पाई है। चर्चा है कि संपति अभिलेख,बैंक खातों को डिटेल सहित कई अहम सबूतों को भी जब्त कर लिया है। इलाके में सुगबुगाहट हैं कि ईडी और आयकर विभाग की यह रेड हॉस्पिटल की बिक्री मामले के साथ ही हॉस्पिटल संचालन की कार्यशैली पर जाकर टिक गई हैं। जाँच कब तक चलेगी,यह अभी कहना मुश्किल सा लग रहा है।

बताते चलें कि सोमवार को गुरूग्राम से ईडी और आयकर विभाग की संयुक्त टीम अधिकारी 12 से 14 गाड़ियों के काफिले के साथ उत्तराखंड की सीमावर्ती बत्रा कॉलोनी यूपी की तरफ रुख करते हैं और सुबह छह बजे कारोबारी रोहिताश बत्रा और डॉ दंपति दीपक छाबड़ा और अंजू छाबड़ा को अलग अलग स्थानो से पूछताछ के लिए उठातीं हैं और बत्रा कॉलोनी स्थित आवास ले जाकर पूछताछ की शुरुआत की। पहले दिन इलाके में यह चर्चा थीं कि शायद जांच सामान्य प्रक्रिया है,लेकिन 48 घटे बीत जाने के बाद यह माना जाने लगा कि अब पूछताछ की कार्रवाई तीन दिन तक चल सकती हैं। बावजूद इसके लोगों का यह अंदाजा उस वक्त बेकार हो गया। जब गुरुवार को भी ईडी और आयकर विभाग की टीम पूछताछ और जांच को जारी रखती हैं। चर्चा यह है कि छापामार कार्रवाई केवल हॉस्पिटल की खरीद फरोख्त से जुड़े थे, लेकिन जांच के दायरे में अस्पताल की कार्यशैली और भर्ती प्रक्रिया से भी जुड़ गया। चर्चा यह भी है कि यदि वास्तव में ईडी और आयकर विभाग को चार दिन बीत जाने के बाद भी जाँच जारी है। तो क्या टैक्स चोरी का मामला बड़ा है या फिर दस्तावेजों में संयुक्त टीम महज उलझीं हुई हैं। यह आने वाला समय ही बताएगा।

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छपाई गई गाड़िया,बद पड़े आवास गेट

रूदपुर। कारोबारी रोहिताश बत्रा और चिकित्सक दीपक छाबड़ा के यहाँ ईडी और आयकर विभाग की रेड को चौथा दिन बीत चुका है, लेकिन परिवार का कोई भी सदस्य अभी तक बाहर नही गया। यहाँ तक कि क़ाफ़िले की गाड़ियों को छिपा कर रखा गया और दोनों की आवासों पर सीआरपीएफ़ के जवानों का पहरा लगा हुआ है। किसी भी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति भी नही है।

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तो क्या कई दिन चल सकती हैं रेड

रुद्पुर। 12 अक्टूबर को ईडी और आयकर विभाग की रेड कार्रवाई की चर्चा चारो तरफ़ है और चौथा दिन बीत जाने के बाद भी जिस प्रकार जांच टीम लगातार बारीकी से जाँच कर रही हैं । उससे यही अंदाजा लगया जा सकता है कि मामला बढ़ा हो। यदि ऐसा निकला। तो शायद कार्रवाई पांच से छह दिन भी चल सकती हैं और कारोबारियों की मुसीबत भी बढ़ सकती हैं।

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