सडक हादसा बनी चुनौती,सडक हादसे में गंवा चुके है 295 जिंदगी
-जिले में दर्ज है 424 सड़क हादसों का रिकॉर्ड
-चिह्नित हो चुके है 26 है एक्सीडेंट ब्लैक स्पॉट
मनोज आर्या,रुद्रपुर।
अमृत विचार:-ऊधमसिंह नगर जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ बेहताशा बढा है। दुर्घटनाओं की रोकथाम करना चिंता का विषय है।अगर आंकड़ों की बात करे,तो जिले में पूर्णकालिक वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल के अंदर जिले में 424 सड़क दुर्घटनाएं हुई है और 295 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। हालांकि परिवहन विभाग और पुलिस विभाग लगातार सड़क हादसों की रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाया है,लेकिन सड़क हादसों पर लगाम क्यों नहीं लग रही है। इस पर गहराई से मंथन करने की आवश्यकता है। आंकड़े यह भी बताते है कि प्रदेश में ऊधमसिंह नगर सड़क हादसों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील जिला है और मौतों के आंकड़ों में भी सर्वोच्च शिखर पर है।
परिवहन और पुलिस विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार एक साल के अंदर ऊधमसिंह नगर में 424 सड़क हादसों का रिकॉर्ड दर्ज है और 295 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है,जबकि 338 लोग गंभीर रूप से घायल होकर जिंदगी और मौत से संघर्ष कर चुके है। जिसको परिवहन और पुलिस विभाग ने जिले के 26 ब्लॅक स्पॉट यानी दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर लिया है और उनके हाईवे या फिर मुख्य मार्ग पर सड़क हादसे की रोकथाम के कारगर कदम भी उठाए है। बावजूद इसके सड़क हादसों की रोकथाम करना पुलिस-परिवहन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है।
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सड़क हादसों की क्या है वजह
रुद्रपुर। सड़क हादसों की बारीकी से मंथन करने पर प्रशासन इस नतीजे पर पहुंचा है कि सड़क हादसों की असल वजह तेज रफ्तार,यातायात नियमों की अवहेलना,शराब पीकर वाहन का संचालन,ओवरलोड भारी वाहन,हाईवों के खतरनाक मोड़ व खराब दृश्यता है। इसके रोकथाम के लिए यातायात और परिवहन विभाग ने ट्रैफिक-कैल्मिंग उपाय,साइन बोर्ड सहित सुरक्षा व्यवस्था की है।
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1-रुद्रपुर-एनएच-74/एनएच-9:-रु
2-काशीपुर-एनएच-309 व एनएच-74:-काशीपुर में विशेषकर रात्रि आठ बजे के बाद ओवरलोड ट्रक-डंपर की आवाजाही के कारण पूरा इलाका ही दुर्घटनाओं के लिए खतरनाक है।
3-सितारगंज-पुलभट्टा जंक्शन, बड़ा गांव,खतरनाक मोड और खराब दृश्यता वाले स्थानों पर अक्सर हादसे होते रहते है।
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