फसलें बर्बाद, मुआवजे का इंतजार; कलेक्ट्रेट पर गरजे किसान
-बोले-ओलावृष्टि से बर्बाद हो चुकी है फसल
-मुआवजा नहीं मिलने पर दी आंदोलन की चेतावनी
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का उचित मुआवजा देने का मुद्दा उठाते हुए किसानों ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया और सीएम को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौपा। उनका आरोप था कि यदि सरकार समय रहते सरकारी कांटे पर तौल शुरु कर देती। तो शायद किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं होता। उन्होंने आगाह किया कि यदि सरकार ने जल्द ही मुआवजे की घोषणा नहीं की। तो उग्र आंदोलन होगा।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष करम सिंह पड्डा, प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के साथ बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पिछले कुछ दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल पूर्णतः बर्बाद हो चुकी है। बर्बादी की जिम्मेदार प्रदेश सरकार भी है,क्योंकि लगातार किसान सरकारी कांटे खोलने और किसानों की फसल का तौल करने का मुद्दा उठा रही थी, लेकिन सरकार ने अनदेखी की। यदि समय रहते सरकारी धान तौल केंद्र संचालित होते। तो किसान अपनी फसल का तौल करवा लेते,ले किन लेटलतीफी के कारण ओलावृष्टि से किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रदेश सरकार से धान खरीद तत्काल शुरू करने,बाजपुर-गदरपुर तहसील को आपदा प्रभावित इलाका घोषित करने,प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा देने की मांग की। इस मौके पर कुमाऊं उपाध्यक्ष जगजीत सिंह भुल्लर, महासचिव विक्रम गोराया,प्रदेश अध्यक्ष युवा जितेंद्र सिंह जित्तू, विक्की रंधावा,राजेद्र मक्कड़,हरपाल सिंह विर्क,गुरसेवक सिंह आदि मौजूद रहे।
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