छह नशा माफिया गिरफ्तार,युवाओं को बनाते थे नशेड़ी
-अल्मोड़ा,पिथौरागढ़,नैनीताल था टारगेट
-नशीली दवाइयां बरामद,सरगना ने खोले नाम
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
पुलभट्टा पुलिस द्वारा एक ऐसे नशा गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो पर्वतीय इलाकों में जाकर युवाओं को नशेड़ी बनाते थे। पुलिस ने बरेली के कुख्यात नशा माफिया सहित छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में नशीली दवाइयों की खेप भी पकड़ी। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश कर दिया।
एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने बताया कि 30 सितंबर को थाना पुलभट्टा पुलिस ने बरेली के कुख्यात नशा तस्कर सद्दाम हुसैन निवासी इस्लामनगर को गिरफ्तार किया और कब्जे से 150 से अधिक नशीली दवाइयां बरामद की। जब अभियुक्त को मोबाइल की जांच और पूछताछ की। तो पता चला कि वर्ष 2017 में पुलभट्टा थाने से जेल जा चुका है और व्हाटसअप और मैसेज के माध्यम से नशा तस्करी को अंजाम देता है। अभियुक्त गिरोह के पूर्वी पोखर खाली अल्मोड़ा निवासी अक्षय सिंह, सौरभ कुमार निवासी ढमुआढुंगा हल्द्वानी,पीयूष सिंह निवासी इंदिरा कॉलोनी अल्मोड़ा, भूपेंद्र सिंह मेहता निवासी गणाई गंगोली पिथौरागढ़,यशोदा टम्टा निवासी टम्टा मोहल्ला अल्मोड़ा के माध्यम से अल्मोड़ा,पिथौरागढ़ और जनपद नैनीताल में नशा सप्लाई करता था और गिरोह के माध्यम से युवाओं को नशे का लती बनाता था। पुलि स ने अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
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सद्दाम है बहेड़ी थाने का हिस्ट्रीशीटर
रुद्रपुर। पुलभट्टा पुलिस ने कुख्यात नशा माफिया सद्दाम हुसैन का आपराधिक इतिहास खंगाला। तो पता चला कि अभियुक्त के खिलाफ सिर्फ बहेडी थाने में छह एनडीपीएस के मुकदमे पंजीकृत है और बहेड़ी का आदतन हिस्ट्रीशीटर है। जो गिरोह के माध्यम से नशीली दवाइयां, स्मैक मुहैया कराता है और सिर्फ व्हाटसअप कॉल से ही बातचीत करता था।
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कोड़
फौजी और शिक्षिका का बेटा है अक्षय
रुद्रपुर। अभियुक्त पूर्वी पोखर खाली अल्मोड़ा का रहने वाले अभियुक्त अक्षय सिंह शिक्षित युवक है और एडम्स इंटर कॉलेज में क्लर्क की नौकरी करता है,जबकि उसकी मां भी एक सरकारी टीचर है,जबकि पिता फौज से सेवानिवृत्त सूबेदार है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि शादी होने के बाद पिछले दो सालों से वह स्मैक का ल ती हो गई और वह बहेड़ी जाकर सद्दाम 10 ग्राम स्मैक खरीदकर लाता है और इलाके में बेचता था।
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सौरभ दुकान से बेचता है स्मैक
रुद्रपुर। गिरफ्तार अभियुक्त सौरभ दमुआढुंगा में मेडिकल स्टोर चलाता है और मेडिकल स्टोर से स्मैक बेचता है। बताया कि वर्ष 2021 में वह जेल भी जा चुका है। पूछताछ में बताया कि वह स्मैक पीने का आदी हुआ और सद्दाम ने ही उसे स्मैक बेचकर शौक पूरे करने और पैसा कमाने का प्रलोभन दिया और वह इलाके में स्मैक और नशीली दवाइयां बेचने लगा।
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नौकरी छोड स्मैक बेचने लगा पीयूष
रुद्रपुर। पूछताछ में यह पता चला कि अभियुक्त पीयूष सिंह पहाड़ी इलाके का फेमस नशा सप्लायर है और वर्ष 2023 में नोएडा कंपनी की नौकरी छोड़कर स्मैक का धंधा करने लगा। बताया कि वर्ष 2021 में उसके दोस्त ने स्मैक पिलाई थी और वह उसका आदी हो गया और वर्ष 2023 में स्मैक बिक्री में अल्मोड़ा से जेल भी जा चुका है। वह लती नशेड़ियों को 2500 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से स्मैक बेचता है।
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वाइन शॉप का सेल्समैन है भूपेद्र
रुद्रपुर। गिरफ्तार अभियुक्त भूपेंद्र सिंह मेहता से हुई पूछताछ में पता चला कि वह पिथौरागढ़ स्थित वाइन शॉप का सेल्समैन है और उसके पिता वाइन शॉप के पार्टनर भी है। पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के दौरान ही उसके दोस्त ने वर्ष 2020 में स्मैक पीनी सिखाई और वह पहाड़ी इलाकों में जाकर स्मैक बेचने लगा। 2800 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से वह स्मैक बेचने लगा और स्मैक धंधे में मोटा मुनाफा भी होता रहा। बताया कि वह पिछले चार साल से सद्दाम के गिरोह से जुड़ा है।
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इलाके में फेमस है मां-बेटे की जोड़ी
रुद्रपुर। गिरफ्तार अभियुक्त यशोदा टम्टा ने पूछताछ में बताया कि उसके तीन बेटे है और बड़ा बेटा अवधेश पिछले चार सालों से स्मैक बेचने के जुर्म में जेल काट रहा है,जबकि मिहीर टम्टा और हिमांशु टम्टा भी स्मैक व नशीली दवाइयां बेचने के कारण जेल चले गए और घर की आर्थिक स्थिति दयनीय हुई। तो जेल से छूटने के बाद बेटो ने बहेडी निवासी सद्दाम से मुलाकात कराई और बेटों के साथ मिलकर स्मैक हो या फिर नशीली दवाईयां बेचने लगी। जांच में यह भी पता चला कि मां-बेटे नशा माफिया नाम से इलाके में फेमस है।
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