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नेता पूछते सवाल:-क्या लोहे से बंद होता है सार्वजनिक चौक

  • नेता पूछते सवाल:-क्या लोहे से बंद होता है सार्वजनिक चौक

-मामला परशुराम चौक का,चौक होता है खुला

-होती है आवाजाही,फिर रिस्क ले रहे राहगीर

खबर तफ्तीश रुद्रपुर।

नैनीताल हाईवे स्थित परशुराम चौक को लेकर अब नेता यह सवाल पूछ रहे है कि क्या लोहे के एंगल वाला चौक बंद रहता है। अक्सर चोराहा सार्वजनिक होता है और हमेशा लोगों की आवाजाही होती है,लेकिन नैनीताल हा हाईवे पर पहली बार बंद चौक बना हुआ है। साथ ही विमला मौत के बाद भी राहगीर रेलिंग कूदकर अपनी जान जोखि म में डाल रहे है। वहीं प्रशासन ने चौक को खोलने के बजाए उसको रेलिंग लगाकर ओर खतरनाक कर दिया है। जिस को लेकर नेताओं भी भारी आक्रोश है।

बताते चले कि देश हो या प्रदेश। हमेशा चौराहा सार्वजनिक होता है और हमेशा आवाजाही के लिए इस्तेमाल किया जाता है,लेकिन रुद्रपुर-नैनीताल हाईवे विशाल मेगा मार्ट के साथ एक ऐसा चौराहा भी है। जिसका वर्षो पुराना नाम परशुराम चौक है। इस चौक की खासियत यह है कि प्रशासन द्वारा चौराहे को लोहे की रेलिंग लगाकर बंद कर दिया था और कुछ फिट ही उसकी हाइट है। जल्द बाजी के चक्कर में राहगीर रेलिंग कूदकर जिंदगी दांव पर लगा रहे है और 13 जून को विमला की दर्दनाक मौत का हादसा भी भूल चुके है। जब कांग्रेस नेताओं ने ओवरब्रिज और चौराहा खोलने का मुद्दा  उठाया। तो प्रशासन ने अनोखा रास्ता अपनाया और परशु राम चौक की रेलिंग को ओर ऊंचा कर दिया। जिसको यदि राहगीर फांदते है। तो ओर ज्यादा रिस्क बढ सकता है। अब कांग्रेस हो या फिर स्थानीय लोग। उनका सवाल यह है कि जब परशुराम चौक चौराहा है। तो मार्गो को आम जनमानस के लिए क्यों नहीं खोला,जबकि चौराहा हमेशा सुगम यात्रा के लिए होता है। जब प्रशासन को इल्म है कि चौराहा लगातार हादसे का सबब बन रहा है। तो प्रशासन ने सरल कदम उठाने की बजाए रेलिंग लगाकर उसे क्यों खतरनाक बनाया। वहीं प्रतिदिन राहगीर फिर रेलिंग को कूदकर अपनी जिंदगी दांव पर लगा रहे है। जिसको लेकर कांग्रेस एक बड़े आंदोलन की रणनीति बना सकती है। अब देखना यह है कि चौराहा मामला कितना तूल पकड़ता है और प्रशासन कब जागेगा।

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कोट

बोले जुनेजा:-पहली बार देखा है बंद चौक

रुद्रपुर। कांग्रेस नेता संजय जुनेजा ने बताया कि जब वर्षो पुराना परशुराम चौक है। तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं कि या। जब कांग्रेस ने कट खोलने या फिर ओवरब्रिज बनाने का मुद्दा उठाया। तो अफसरशाही का परिचय देते हुए प्रशासन ने समस्या का समाधान करने के स्थान पर जटिल कर दी। चौक के नीची रेलिंग को ओर ऊंचा कर दिया। अब लोग ज्यादा जोखिम में डालकर हाईवे पार कर रहे है,लेकिन प्रशासन ने चौराहे की परिभाषा को ही बदल दिया है।

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कोट

बोले ठुकराल:-ब्राह्मण समाज हो जागरूक

रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना था कि कांग्रेस परशुराम के मान-सम्मान की लड़ाई लडती रहेगी, क्योकि भगवान परशुराम ब्राह्मण समुदाय के आराध्य है। ऐसे में समुदाय को संगठित होकर चौराहे के सम्मान की लडाई लडनी चाहिए,क्योंकि बंद चौक समुदाय की भावनाओं को आहत पहुंचा रही है,क्योकि देश हो या फिर प्रदेश में ऐसा कोई चौराहा नहीं है। जिसे बंद करने के बाद चौराहा माना जाए। चौराहा हमेशा जनता को समर्पित होता है।

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बंद पड़े परशुराम चौक फांदते राहगीर।

 

 

 

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