नोकझोंक के बाद आखिरकार हटाना पड़ा धरना स्थल से टैंट
-एससी का दर्जा देने को लेकर चल रहा था धरना
-सुब्रत विश्वास ने समुदाय से किया आह्वान
ख़बर तफ्तीश , रुद्रपुर
पिछले एक माह से अधिक का समय बीत जाने के बाद अचानक पुलिस आयी और रोडवेज के समीप रवींद्रनाथ टैगोर प्रतिमा के नीचे चल रहे बंगाली समुदाय को धरने को गलत ठहराया। जब बंगाली नेता सुब्रत विश्वास ने टैंट हटाने का कारण पूछा तो पुलिस के बीच नोकझोंक हुई और काफी जद्दोजहद के बाद धरना स्थल पर लगा टैंट हटाना पड़ा। इसके बाद बंगाली समुदाय ने गांधी पार्क में धरना देने का निर्णय लिया।
यहां बता दें कि पिछले 38 दिन से रोडवेज के समीप स्थित रवींद्रनाथ टैगोर की प्रतिमा के नीचे टैंट लगाकर बंगाली कल्याण समिति के अध्यक्ष सुब्रत विश्वास व बंगाली नेता लगातार धरना दे रहे थे। उनका मुद्दा था कि पिछले कई दशकों से बंगाली समुदाय अनदेखी का शिकार हो रहा है। बावजूद अभी तक समाज को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिला, जबकि इंटरमीडिएट तक बंगाली विद्यार्थी को एससी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन नौकरियों में कोई आरक्षण नहीं मिलता।
मंगलवार की सुबह 10 बजे बाजार चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार कोहली और आदर्श कॉलोनी चौकी प्रभारी प्रदीप पंत पुलिस कर्मियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और सार्वजनिक मार्ग पर धरना स्थल बनाने पर ऐतराज जताया। उनका कहना था कि प्रशासन ने धरना स्थल गांधी पार्क को घोषित किया है। जिसको लेकर बंगाली नेता सुब्रत ने कहा कि धरना स्थल पर किसी भी प्रकार की अराजकता नहीं होती है और समाज शांतिपूर्वक ढंग से अपना मुद्दा उठा रहा है। आरोप था कि शासन-प्रशासन के इशारे पर पुलिस दबाव बनाकर बंगालियों के अधिकार का दमन कर रही है। काफी जद्दोजहद व नोकझोंक के बाद आखिरकार बंगाली नेताओं ने हामी भरी। बताया जा रहा है कि समुदाय के नेता गांधी पार्क में धरना देने की तैयारी कर रहे हैं।
