एसटीएफ साइबर क्राइम सेल की रडार पर 12 लाइसेंस धारक
-पंजाब-यूपी के लाइसेंस धारकों पर बनाई नजर
-डीएम से भी मांगी लाइसेंस धारक की गाइडलाइन
संवाददाता,रुद्रपुर।
अमृत विचार:-अवैध शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में एसटीएफ साइबर क्राइम थाना सेल ने तफ्तीश को रफ्तार दे दी है और यह चिह्नित करने में सफलता प्राप्त की। अभी भी जिले में 12 ऐसे लाइसेंसधारकों है। जिनके लाइसेंस फर्जी बनाए गए है। साइबर सेल ने यह भी जानने की कोशिश तेज कर दी है कि आखिरकार कौन सा गन हाउस नकली लाइसेंस पर ऑटोमेटिक हथियार व कारतूस मुहैया कराया था। जिसको लेकर साइबर सेल ने डीएम कार्यालय को पत्र लिखकर बाहरी व्यक्तियों के लाइसेंस पर हथियार मुहैया कराने की क्या गाइडलाइन है। संबंधित एक रिपोर्ट भी मांगी है।
बताते चले कि मई-जून माह में एसटीएफ और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने काशीपुर में पंजीकृत तीन मुकदमों की तफ्ती श शुरू की और नौ से अधिक ऑटोमेटिक हथियार के साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी की। प्रारंभिक जांच में यह पाया कि ज्यादातर शस्त्र लाइसेंस फर्जी है और बाहरी राज्यों से हुबहु लाइसेंस की छपाई करने वाला गिरोह सक्रिय है। हथियारों की सप्लाई गन हाउस द्वारा की जाती है। तफ्तीश बढ़ती गई और एसटीएफ ने नौ अभियुक्तों के साथ 14 ऑटोमेटिक हथियार,341 जिंदा कारतूस के अलावा कई फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद करने की कार्रवाई कर डाली। चिह्नित अभियुक्तों की धरपकड़ को एसटीएफ लगातार प्रयास कर रही है और वही एसटीएफ की साइबर क्राइम सेल की टीम ने अपनी तफ्तीश में यह पाया कि जिले में अभी भी 12 लाइसेंस धारक ऐसे है। जो फर्जी लाइसेंस के आधार पर ऑटोमेटिक हथियार का इस्तेमाल कर रहे है। जिसमें से ज्यादातर लाइसेंस पंजाब,हरियाणा के अलावा यूपी के कुछ जिलों के है और लाइसेंस धारक उत्तराखंड के उधमसिंह नगर का रहने वाला है। साइबर सेल ने एक पत्र जिलाधिकारी कार्यालय को लिखा और यह सूचना मांगी कि बाहरी लाइसेंस धारक को हथियार खरीदने का क्या अधिकार है और कितने लाइसेंस प्रशासन द्वारा बनाये गए है।
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बोले प्रभारी:-अवैध शस्त्र लाइसेंस में जल्द होगा खुलासे
रुद्रपुर। साइबर क्राइम थाना सेल प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि एसटीएफ की टीम के साथ समाजस्य बनाकर साइबर सेल ने 12 फर्जी शस्त्र लाइसेंस होने की जांच की है। लाइसे स धारक को भी काफी हद तक चिह्नित किया जा चुका है,लेकिन बाहरी व्यक्तियों को लाइ सेस के आधार पर हथियार मुहैया कराने की गाइडलाइन जिलाधिकारी कार्यालय से मांगी है,क्योंकि पंजाब,हरियाणा के ज्यादा लाइसेंस पाए गए है। रिपोर्ट आने के बाद चिह्नित अभियुक्तों की सरगर्मी से तलाश की जाएंगी।
