लडखडाती स्वास्थ्य सेवाएं,स्ट्रेचर पर तड़पता रहा जितेंद्र

-10 मिनट बाद मौत,पीएमएस का घेराव
-35 फीट गड्ढे में गिरा,सुबह हुआ था हादसा
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
एक बार फिर राजकीय मेडिकल कॉलेज की लडखडाती स्वास्थ्य सेवाओं के कारण एक 23 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। मामला यह है कि गुरुवार की सुबह एक युवक ड्यूटी जा रहा था कि सड़क हादसा हो गया और खून से लथपथ युवक को आपातकालीन कक्ष लाया गया। जहां घायल दस मिनट तक उपचार के लिए तरसता रहा और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। जिससे गुस्साए लोगों ने पीएमएस का घेराव किया और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बताते चले कि गांव नंदपुर गदरपुर निवासी 23 वर्षीय जितेंद्र सिंह एक ग्रुप आफ इंडस्ट्री में काम करता था और रोजमर्रा की भांति सुबह आठ बजे वह ड्यूटी के लिए निकला और गदरपुर-दिनेशपुर फ्लाईओवर पर अचानक बाइक डिवाइडर से टकरा गई और युवक को हवा में उछला और 35 फीट नीचे गहरे गड्ढे में जा गिरा। लगभग 45 मिनट तक खून से लथपथ युवक खेत में तड़पता रहा और सूचना मिलने के बाद फौरन कॉलेज के कर्मी आते है और राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी कक्ष ले जाते है। जहां स्ट्रेचर पर घायल युवक तड़पता रहा और चिल्ला-चिल्लाकर डॉक्टर साहब मुझे बचा लो की गुहार लगाता रहा। आरोप था कि कोई भी डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मी समय नहीं आया और 10 मिनट बाद घायल की दर्दनाक मौत हो गई। घटना से गुस्साए लोगों ने पीएमएस आरके शर्मा का घेराव किया और घायल की मौत का जिम्मेदार सुस्त व लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर ल गाया। आरोप था कि यदि समय रहते घायल का इलाज होता,तो शायद जान बच सकती थी। उन्होंने कार्रवाई कर मुकदमा पंजीकृत का मुद्दा उठाया।
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आखिर कैसे हुआ ज्यादा रक्तचाप
रुद्रपुर। गुस्साए मृतक के पिता कल्याण सिंह का आरोप था कि सुबह 8.45 बजे बेटा को निजी गाडी के आपातकालीन कक्ष लाया गया। उस वक्त बेटे को बहुत ज्यादा रक्तचाप नहीं हो रहा था। काफी विनती के बाद तैनात डॉक्टर आते है और जैसे ही उपचार शुरू करते है। वैसे ही रक्तचाप तेज होने लगता है। उनका आरोप था कि चिकित्सक की लेट लतीफी और उपचार में लापरवाही के कारण बेटे की मौत हुई है। ऐसे में चिकित्सक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत होना चाहिए।
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108 को मिलाया फोन,बजती रही घंटी
रुद्रपुर। ग्रुप ऑफ इंडस्ट्री के एचआर हेड नरेश अरोडा ने बताया कि घायल जितेंद्र ने खुद ही फोन कर हादसे की जानकारी दी और वह फौरन अपने सहयोगी अमित चौधरी और साहब सिंह के साथ घटनास्थल की ओर रवाना हुए और रास्ते से ही कई बार स्वास्थ्य सेवा 108 एंबुलेंस को फोन भी किया,लेकिन घंटी बजती रही और घटनास्थल पर भी थोड़ी देर प्रतीक्षा के बाद भी 108 एबुलेस का कोई जवाब नहीं आया और आखिरकार उसे निजी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया था। उस वक्त घायल बातचीत कर रहा था। आरोप था कि वास्तव में इलाज में लापरवाही बरती गई।
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बोले
रुद्रपुर। गदरपुर-दिनेशपुर फ्लाईओवर पर सड़क हादसा हुआ था और इमरजेंसी में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने घायल की स्थिति को सुधारने का प्रयास किया,लेकिन ज्यादा रक्तचाप होने लगा। आरोप-प्रत्यारोप की जांच के लिए दो डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई है। हालांकि खुद पूछताछ में पता चला कि रक्तचाप होने के कारण ही युवक की मौत हुई है और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लापरवाही सामने नहीं आई है। बावजूद इसके जांच कराई जाएगी।
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