बहनों की हिफाजत,महिला चीता पुलिस ने संभाला मोर्चा—एसएसपी की पहल,मुस्तैद दिखी महिला सिपाही
-भ्रमण के साथ ही महिलाओं से करती रही संवाद
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
रक्षा बंधन हो या फिर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा। हर साल पुलिस कर्मियों को मुस्तैद किया जाता था,लेकिन पहली बार रक्षा बंधन पर भीड़भाड़ वाले इलाके हो या फिर सुरक्षा को लेकर भ्रमण। इसकी जिम्मेदारी महिला चीता पुलिस को सौंपी गई। एसएसपी की इस विशेष पहल में वर्दीधारी महिला सिपाही टोली बनाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थी और महिलाओं को रोककर संवाद करती हुई दिखाई दी।
शुक्रवार की सुबह होते ही चारो तरफ रक्षाबंधन त्यौहार की खुशियां थी। वहीं शहर के प्रत्येक मुख्य चौराहों,भीड़भाड़ वाले बाजार और वार्डो में महज खाकी वर्दीधारी महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती देखने को मिली। जिसे देखकर हर कोई हैरान दिखा,क्योकि इस वर्ष एसएसपी अजय गणपति कुभार द्वारा पुरुष पुलिस कर्मियों को नहीं,बल्कि महिला चीता पुलिस को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई। यह पहल पहली बार देखने को मिली। महिला चीता पुलिस इलाके का भ्रमण कर रही थी और महिलाओं को रोक कर उनके साथ संवाद करती हुई दिखाई दी। महिला पुलिसकर्मियों के हाथों सुरक्षा व्यवस्था देख कर महिलाएं भी बेधडक मिल रही थी और बेहतर संवाद होता रहा।
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कई संदिग्धों को भी लगाई फटकार
रुद्रपुर। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जैसी ही महिलाओं की आवाजाही तेज हुई। वैसे ही महिला चीता पुलिस ने कई ऐसे संदिग्ध युवकों को रोककर फटकार लगाई। जो बेवजह भीड़भाड़ वाले इलाके में कई बार घुमते हुए दिखाई दिए। साथ ही महिला पुलिसकर्मियों ने सार्वजनिक तौर पर यह भी आहवान किया कि यदि कोई भी संदिग्ध परेशान या आपराधिक वारदात देने की कोशिश कर रहा हो। तो इसकी सूचना तैनात महिला चीता पुलिस को दे।
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हाथों में थे कैमरे,हो रही थी रिकार्डिग
रुद्रपुर। रक्षाबंधन को लेकर महिला चीता पुलिस का यह पहला ट्रायल काफी सफल रहा और तैनात महिला पुलिस कर्मियों को आदेशित किया गया था कि भीड़ भाड़ वाले इलाके की वीडियोग्राफी भी की जाए और यदि कोई पीड़िता मिलती है। तो फौरन उसकी रिकार्डिग करें और यदि संदिग्ध की फोटो व वीडियो भी व्हाटसअप ग्रुप में भेजा जाए। यहीं कारण है कि तैनात पुलिस टोली के पास कैमरे भी थे।
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बोले एसएसपी:-महिलाओं में आती है सुरक्षा की भावना
रुद्रपुर। एसएसपी अजय गणपति कुंभार ने बताया कि पहली बार रक्षाबंधन पर सुरक्षा का जिम्मा महिला चीता पुलिस को सौंपा गया। जिसका मकसद यह है कि खाकी वर्दीधारी महिला पुलिसकर्मी को देखकर महिलाओं में सुरक्षा की भावना पैदा हो और महिलाएं बिना किसी हिचक के महिला पुलिस से मिल सके। इससे आपसी संवाद के साथ साथ बेहतर पुलिसिंग भी हो सकती है।
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