भड़काऊ भाषण देने वाला मुफ्ती मुजीब अहमद गिरफ्तार

भड़काऊ भाषण देने वाला मुफ्ती मुजीब अहमद गिरफ्तार
-छावनी में तब्दील खेड़ा बस्ती,दर्ज हुए बयान
-ईद मिलादुन्नबी जुलूस पर जारी हुई थी वीडियो
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
जुलूसे मोहम्मदी पर निकाले गए जुलूस के वक्त आखिरी तकरीर पर दिए गए बयान का मामला तूल पकड़ चुका है। एक तरफा भाजपा नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया के बाद पुलिस ने जहां मुफ्ती के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। वहीं शुक्रवार की देर शाम को आरोपी मुफ्ती मुजीब अहमद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश कर दिया। गिरफ्तारी होते ही खेड़ा बस्ती को छावनी में तब्दील कर दिया और प्रकरण को लेकर बयान भी दर्ज किए।
दरअसल 25 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया था और त्रिशूल चौक पर आखिरी तकरीर पढ़ी गई और एक वीडियो वायरल होती है। जिसमें ए क मुफ्ती भडकाऊ भाषण दे रहा है। जिसको लेकर महापौर और विधायक ने भी तीखी प्रतिक्रिया की। तो कोतवाली पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर लिया और मुफ्ती की सरगर्मी से तलाश शुरु कर दी। शुक्रवार की देर रात्रि रम्पुरा चौकी पुलिस ने खेड़ा बस्ती से अभियुक्त मुफ्ती मौलाना मुजीब अहमद अजहरी को गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद खेड़ा बस्ती को छावनी में तब्दील कर दिया और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस ने आखिरी तकरीर स्थल त्रिशूल चौक और खेड़ा बस्ती चौराहे पर भी लोगों को रोककर वीडियो संबंधी भाषण की सत्यापित को जानने का प्रयास किया और शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया गया।
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41 का नोटिस देने के बहाने बुलाया
रुद्रपुर। मुस्लिम नेताओं का आरोप था कि शुक्रवार की देर शाम को चौकी प्रभारी रम्पुरा ने स्थानीय नेताओं से फोन पर वार्ता की और आश्वासन दिया कि अभियुक्त को महज 41 का नोटिस तामील कराया जाएगा। काफी देर वार्ता के बाद खुद मुस्लिम नेता मौलाना मुजीब अहमद चौकी लेकर आए और पुलिस ने पहले पूछताछ का बहाना बनाकर हिरासत दिखाया और शनिवार की सुबह गिरफ्तारी दिखाई। जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय में काफी आक्रोश है।
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गिरफ्तारी से पहले मुफ्ती का आया बयान
रुद्रपुर। भड़काऊ भाषण के अभियुक्त मौलाना मुजीब द्वारा सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो जारी की। कहना था कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया है। उनके द्वारा भाषण का मतलब यह था कि यदि मदरसा बंद हो जाते है, तो मुस्लिम समुदाय क्या हाल करेंगे। उनका मकसद यह था कि जब मदरसा बंद हो जाते है,तो मुस्लिम युवाओं का क्या हाल होगा,क्योकि निराक्षर युवा अपराध का रास्ता चुनेगा। उनके द्वारा हुकूमत को कोई चैलेंज नहीं किया। पूरी वीडियो को देखा जाए।
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