वैदिक मंत्रोजाप के साथ मनाया गया जन्यो-पुन्यो पर्व
-शैल सांस्कृतिक समिति ने किया आयोजन
-विधि-विधान के साथ धारण हुआ जनेऊ
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शैल सांस्कृतिक समिति शैल परिषद द्वारा गंगापुर मार्ग स्थित शैल भवन में ऋषि यानी जन्यो-पुन्यो पर्व धूमधाम के साथ मनाया और मंत्रो जाप के साथ ही जनेऊ धारण किया।
शुक्रवार की सुबह शैल भवन स्थित गोल्ज्यु मंदिर परिसर में ज्योतिषाचार्य कैलाश तिवारी,पंडित सतीश लोहनी,त्रिलोचन पनेरू और गौरव लोहनी की मौजूदगी में जन्यो पुन्यो धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ हुआ।ज्योतिषाचार्य कैलाश तिवारी ने बताया कि त्योहारों के माध्यम से मानव परमात्मा के प्रति,श्रद्धा व कृतज्ञता व्यक्त होती है। रक्षाबंधन व ऋषि तर्पण श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ऋषि तर्पण मुख्यतः जनेऊ बदलने का पर्व है,जनेऊ 96 चक्र व 96 हजार ऋचाओं अर्थात दो लोकों का प्रतीक माना जाता है तथा तीन धागे (सूत्र) शरीर (पौरूष) वाणी एवं मन मस्तिष्क को वश में करने का माध्यम है। परिषद के अध्यक्ष गोपाल सिंह पटवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों में युवाओं को अपनी संस्कृति और जनेऊ की पवित्रता का बोध होता है। इस मौके पर महामंत्री अधिवक्ता दिवाकर पांडेय,कोषाध्यक्ष डीके दनाई,राजेंद्र बोरा,दिनेश बम, हरीश दनाई,मोहन उपाध्याय,राजेंद्र बलौदी,चंद्र बल्लभ घिंडियाल, सुदर्शन सिंह चौहान,त्रिभुवन जोशी, मुकुल उप्रेती,कैलाश जोशी,हर्षित दनाई, हार्दिक पांडेय,पीयूष लोहनी,प्राजय लोह नी,कृष्ण भट्ट आदि मौजूद रहे।
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