खुद बीमार हुई 108 एम्बुलेंस सेवा, कैसे बचेगी मरीजों की जान
-घिसे टायरों पर दौड़ रही जीवनरक्षक एम्बुलेंस
-समय पर नहीं पहुंच रही मदद,मरीजों की बढ़ रही मुश्किलें
मनोज आर्या,रुद्रपुर।
ख़बर तफ्तीश।
घायलों या फिर मरीजों की जीवनदायिनी कहे जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा अब खुद ही बीमार हो गई है। चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण 108 एबुलेस घिसे टायरों पर दौड़ने को विवश है और ड्रिप पाइप से उसका दरवाजा खुलता है। जर्जर हालत में तब्दील हो चुकी एबुलेस समय पर मदद नहीं पहुंच पा रही है और जिसकी वजह से मरीजों की मुश्किलें बढ़ रही है।
बताते चले कि वर्ष 2008 में तत्कालीन सरकार ने इसी उद्देश्य के साथ 108 जीवनदायिनी एंबुलेंस को संचालित किया था कि दिन हो या रात एबुलेस के माध्यम से फौरन घायल हो या मरीज। उसे तत्काल उपचार मिल सके, लेकिन वर्तमान में हालात यह है कि जिले में दौड़ती 25 एबुलेस में से ज्यादातर की हालत जर्जर हो चुकी है। घिसे टायरों पर जीवन रक्षक एंबुलेंस दौड़ रही है। हेड लाइट को टैप से चिपका कर काम चलाया जा रहा है। एक तरफ का इंडिकेटर खराब है और हैरानी की बात यह है कि एंबुलेंस का पिछला दरवाजा हैंडल से नहीं,बल्कि ड्रिप चढाने वाली पाइप से खुलता है। कभी-कभी यह आविष्कार फेल हो जाता है। तो स्वास्थ्य कर्मी दरवाजा खोलने के लिए मशक्कत भी करता है।
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डेढ़ घंटे देरी से पहुंची 108 एंबुलेंस
रुद्रपुर। बीमार पड़ी 108 जीवन रक्षक एबुलेस की खस्ताहाल हालत का ही परिणाम है कि रविवार की देर शाम गदरपुर हाईवे पर गुरशरण नाम के युवक को गोली मारकर घायल कर दिया था। उस वक्त पुलिस अपनी सरकार में डालकर जिला अस्पताल पहुंची। जहां शाम सात बजे करीब डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। सौरभ बाहवा नाम के युवक ने बताया कि सात बजे ही 108 एंबुलेंस को फोन किया था और साढे आठ बजे के बाद एबुलेस जिला अस्पताल पहुंची। एंबुलेंस की हालत देखकर ऐसा लग रहा था कि क्या यह हल्द्वानी पहुंच पाए गी। देरी से आने का कारण भी जर्जर हालत बताई।
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बोले सीएमओ:-एबुलेस केयर टेकर को करेगे पत्राचार
रुद्रपुर। सीएमओ डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि जिले में 25 एबुलेस संचालित है और स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस के रखरखाव से कोई लेना देना नहीं है,क्योकि शासन स्तर पर 108 एंबुलेंस को संचालित करने के लिए दूसरी एजेंसी को जिम्मेदारी दी है। चूंकि एबुलेस मरीजों की जिंदगी को बचाने का काम करती है। तो स्वास्थ्य विभाग संबंधित एबुलेस विभाग देहरादून को पत्राचार कर एबुलेस की जर्जर हालत से अवगत कराएगी और प्रयास करेगा कि जल्द ही एबुलेस का रखरखाव बेहतर हो।
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