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फॉरेंसिक कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है एफएसएल

फॉरेंसिक कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है एफएसएल
– ज्येष्ठ वैज्ञानिकों समेत 19 पद रिक्त
– 600 लंबित है नमूने,कैसे मिलेगा इंसाफ
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।

वैज्ञानिक जांच के आधार पर वारदात का खुलासा और न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) इन दिनों कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रही है। वरिष्ठ वैज्ञानिकों सहित कुल 19 पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इसका सीधा असर गंभीर आपराधिक मामलों की जांच पर पड़ रहा है।
वर्तमान में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में शोधकर्ताओं और अन्य विभागीय कर्मचारियों की कमी के कारण हत्या,दुष्कर्म, लूट और अन्य संगीन वारदातों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य नमूनों की जांच समय पर नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि प्रयोगशाला में करीब 600 नमूने लंबित हैं। वहीं वर्तमान में चार लैब सहायक,दो ज्येष्ठ वैज्ञानिक सहायक,एक बिसरा कटर कर्मी,आठ सहयोगी कर्मी,तीन मिनिस्ट्रीयल कर्मी और एक वाहन चालक की अति आवश्यकता है और मौजू दा में डिप्टी डायरेक्टर सहित तीन वैज्ञानिक,चार ज्येष्ठ सहायक,तीन लैब सहायक ही तैनात है और कार्यालय का कामकाज पुलिस विभाग से संबंद्व किए गए पुलिसकर्मी कर रहे है और उन का स्थानांतरण आदेश भी आ चुका है।
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जांच होगी धीमी,न्याय में होगी देरी
रुद्रपुर। पुलिस की तफ्तीश और एफएसएल की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट किसी भी संगीन मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है। जिसके आधार पर ही न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आती है और पीड़ितों को जल्द इंसाफ मिलने की उम्मीद भी होती है। ऐसे में यदि स्टाफ की कमी का सामना कर रही एफएसएल विभाग में यदि जल्द ही पर्याप्त कर्मियों को तैनाती नहीं होती है। तो नमूने की जांच धीमी पड़ेगी और न्यायिक प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव प डेगा। जिससे पीड़ित को न्याय मिलने में देरी होगी।
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बोले डिप्टी डायरेक्टर:-वास्तव में है एफएसएल कर्मियों की कमी
रुद्रपुर। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के डिप्टी डायरेक्टर व कार्यालय प्रभारी डॉ मनोज अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में एफएसएल कर्मियों की कमी है। जिसमें अहम लैब सहायक और ज्येष्ठ सहायक वैज्ञानिक के पद है। जिसकी वजह से नमूनों की जांच कार्य पर प्रभाव पड रहा है। हालांकि शासन-प्रशासन को कर्मियों की कमी को पूरा करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि संविदा या फिर भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कर्मियों की पूर्ति का प्रयास किया जाएंगा।
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