हरियाणा से गिरफ्तार हुआ 1.47 करोड़ की ठगी करने वाला ठग
-सेवानिवृत कुलपति को किया था डिजिटल अरेस्ट
-गिरफ्तारी को दिखाया था भय,न्यायालय में पेश
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
बरेली स्थित रुहेलखंड विश्वविद्यालय से सेवानिवृत हुई कुलपति से 1.47 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाला साइबर ठग आखिरकार अंबाला हरियाणा से गिरफ्तार हो गया है। बताया जा रहा है कि साइबर ठग ने महिला वाइस चांसलर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। जिसके कुमाऊं साइबर क्राइम थाना पुलिस स्टेशन लगातार तफ्तीश कर रही थी। पुलिस ने अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर दिया है।
बताते चले कि वर्ष 2025 में साइबर क्राइम थाना पुलिस स्टेशन ने 1.47 करोड़ की साइबर ठगी का मामला पंजीकृत किया था। मामला यह था कि बरेली स्थित रुहेलखंड विवि से सेवानिवृत्त हिला कुलपति को साइबर ठग व्हाटसअप कॉल कर यह बताता है कि उनके खाते से 60 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आदान प्रदान हुआ है। जो कि गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और खुद को मुंबई पुलिस का बडा अधिकारी बता रहा था। आरोप था कि साइबर ठग ने पूर्व महिला वाइस चांसलर को धमकाया कि यदि ऑनलाइन संपत्ति की सही जानकारी नहीं दी। तो गिरफ्तारी की जाएंगी और साइबर ठग ने डिजिटल अरेस्ट करते हुए 1.47 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे डाला। इसके बाद से ही साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार अपनी टीम के साथ तकनीकी और मैनुअल तफ्तीश करते रहे और यह पता चला कि अभियुक्त गांव पिलखनी रविदास मंदिर के समीप अंबाला हरियाणा निवासी भूपिंदर सिंह को घर के आसपास देखा गया है। बस क्या था साइबर टीम ने दबिश देकर साइबर ठग को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया।
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12 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट
रुद्रपुर। 14 अगस्त 2025 को मल्लीताल नैनीताल की रहने वाली सीनियर सिटीजन एवं विवि से सेवानिवृत महिला कुलपति बीना शाह ने सौंपी तहरीर में कहा था कि व्हाटसअप पर एक कॉल आती है और कॉलर खुद को महाराष्ट्र साइबर क्राइम का अधिकारी बता रहा था। 60 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग बता कर साइबर ठग ने रिटायर वाइस चांसलर को 12 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट र खा। यहां तक यह भी हिदायत दी कि यदि किसी को बताया या फिर किसी का फोन उठाने के साथ ही किसी से भी मुलाकात की। तो गिरफ्तारी की टीम बेहद नजदीक है। गिरफ्तारी का भय दिखाकर साइबर ठग ने सभी खातों की डिटेल,संपत्ति का ब्यौरा जाना और खाते में पड़ी 1.47 करोड़ की साइबर ठगी को अंजाम दे डाला।
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11 माह से छिपकर रहता था भूपिंदर
रुद्रपुर। साइबर क्राइम थाना पुलिस स्टेशन प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि 14 अगस्त को डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत कुलपति से 1.47 करोड़ की साइबर ठगी का मुकदमा पंजीकृत हुआ और तभी से साइबर की एक टीम लगातार सुरागरसी कर रही थी। कई खातों को खंगाला गया और अभियुक्त की सी.डी.आर की भी पड़ताल हुई। नाम-हुलिया और मोबाइल नंबर बदलकर अभियुक्त 11 माह से छिपकर रह रहा था और जैसे ही उसी मोबाइल में दूसरी सिम डाली। वैसे ही अभियुक्त की लोकेशन ट्रेस हो चुकी थी। क्योंकि अभियुक्त बेफ्रिक हो चुका था कि उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती हे।
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