सीएम धामी ने किया 28.30 करोड़ की लागत योजनाओं का लोकार्पण
–गदरपुर हाई टेक बस अड्डे का लोकार्पण
-भारी जनसैलाब ने किया स्वागत
खबर तफ्तीश,रुद्रपुर।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गदरपुर बस स्टेशन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कुल ₹2,830.07 लाख (₹28.30 करोड़) की लागत वाली 8 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने ₹349.17 लाख की लागत से निर्मित आधुनिक गदरपुर बस स्टेशन का फीता काटकर लोकार्पण किया।
मुख्यमंत्री ने ₹694.06 लाख की लागत से पूर्ण हुई परियोजनाओं का लोकार्पण तथा ₹2,136.01 लाख की लागत वाली नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें नव निर्मित विकासखंड कार्यालय भवन, सामुदायिक भवन, कंक्रीट सड़क निर्माण तथा विभिन्न क्षेत्रों में इंटरलॉकिंग टाइल सड़कों के निर्माण कार्य प्रमुख हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं गदरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने कहा कि गूलरभोज को भविष्य में प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल शिलान्यास करने वाली नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को पूरा कर उनका लोकार्पण करने वाली सरकार है। उन्होंने बताया कि नए बस स्टेशन में आधुनिक प्रतीक्षालय, किचन सहित यात्रियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने गदरपुर क्षेत्र में शिक्षा, पेयजल, बाढ़ सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आश्रम पद्धति कन्या विद्यालय के उच्चीकरण, चीनी मिल कर्मियों को सातवां वेतनमान दिलाने के प्रयास, गूलरभोज पर्यटन क्षेत्र में जिप्सी संचालन तथा गदरपुर महाविद्यालय में दो स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम को प्रभारी मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक अरविंद पांडे और विधायक शिव अरोरा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।