4.43 करोड़ की लागत से बनेगा कुमाऊं का पहला पॉइंट ऑफ सेफ्टी

-बाल सम्प्रेक्षण गृह परिसर में शुरू हुआ निर्माण कार्य
-हरिद्वार नहीं जाएंगे संगीन अपराध वाले बाल अपराधी
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
-संगीन मामलों में राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह में बंद बाल अपचारियों को हरिद्वार स्थित पॉइंट ऑफ सेफ्टी गृह नहीं जाना पडेगा,क्योंकि बाल सम्प्रेक्षण गृह परिसर में कुमाऊं का पहला पॉइंट ऑफ सेफ्टी गृह का निर्माण कार्य शुरु हो चुका है और जल्द ही निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद संगीन मामलों के बाल अपचारियों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बता दे कि नियमानुसार 16 वर्ष से ऊपर आयु के बाल अपचारियों को 15 वर्ष से नीचे आयु के बाल अपचारियों के साथ नहीं रखा जा सकता है। खासतौर पर वह बाल अपचारी जो हत्या जैसे ही संगीन मामलों में सम्प्रेक्षण गृह में रहते है। ऐसे बाल अपचारियों को हरिद्वार स्थित पॉइंट ऑफ सेफ्टी बाल संप्रेक्षण गृह में रखा जाता था,लेकिन अब रुद्रपुर जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह परिसर में पॉइंट ऑफ सेफ्टी बाल सम्प्रेक्षण गृह का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। 4.4 3 करोड़ लागत से बनने वाले इस पॉइंट ऑफ सेफ्टी हाईटेक सुविधा से सुसज्जित होगी और 15 वर्ष से नीचे आयु के बाल अपचारियों को अलग सम्प्रेक्षण में रखा जाएंगा। इस निर्माणाधीन बाल सम्प्रेक्षण गृह यानी पॉइंट ऑफ सेफ्टी बाल गृह में एक साथ 30 बाल अपचारियों को रखा जा सकता है और उनके खान-पान व रहन सहन की सुविधा भी मुहैया होगी। पॉइंट ऑफ सेफ्टी बाल गृह के निर्माण के बाद हरिद्वार बाल संप्रेक्षण गृह का भार भी कम होगा और अदालती कार्रवाई में होने वाला खर्च भी समाप्त हो जाएंगा।
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दो भागों में विभाजित हुआ गृह
रुद्रपुर। मुख्यालय स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में पॉइंट ऑफ सेफ्टी निर्माण के बाद परिसर को दो भागों में विभाजित किया है। परिसर के बीचोंबीच ऊची दीवार खड़ी होगी और एक हिस्से में 15 साल के बाल अपचारियों को रखा जाएगा। जिन पर संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत नहीं है और दूसरे हिस्से में उन बाल अपचारियों को रखा जाएगा। जिनके खिलाफ संगीन मामलों में मुकदमे पंजीकृत है और दोनों भागों के बाल अपचारी एक दूसरे से मिल भी नहीं सकते है।
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अधीक्षक सहित तैनात होगा नया स्टाफ
रुद्रपुर। नियमानुसार जिस भी बाल सम्प्रेक्षण गृह के अंदर पॉइंट ऑफ सेफ्टी बाल गृह का निर्माण होता है। उसमें बाल सम्प्रेक्षण गृह के कर्मचारी नहीं,बल्कि अधीक्षक सहित सभी स्टाफ की नई तैनाती होती है। ऐसा मानो कि घर तो एक ही होगा,लेकिन बंटवारे के बाद घर का मुखिया और परिवार के सदस्य अलग-अलग होगे। पॉइंट ऑफ सेफ्टी स्टाफ के लिए कई बार निरीक्षण भी हो चुका है और संगीन अपराधों में बंद बाल अपचारियों को बेहतर माहौल देने पर भी मंथन हो चुका है।
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बोले अधीक्षक:-कुमाऊं का पहला होगा पॉइंट ऑफ सेफ्टी
रुद्रपुर। राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह किशोर के अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पांडे ने बताया कि पॉइंट ऑफ सेफ्टी किशोर गृह नहीं होने के कारण संगीन मामलों के बाल अपचारियों को हरिद्वार भेजा जाता था,लेकिन नये निर्माण के बाद फिजूलखर्ची के साथ ही न्यायिक कार्रवाई में भी आसानी हो गी। 30 बाल अपचारियों वाले पॉइंट ऑफ सेफ्टी सम्प्रेक्षण गृह में कुमाऊं के बाल अपचारियों को रखा जाएगा और यह कुमाऊं का पहला पॉइंट ऑफ सेफ्टी गृह होगा।
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