फर्जी शस्त्र लाइसेंस:-पुलिस के बाद एसटीएफ ने तफ्तीश की तेज
-किच्छा से जसपुर तक खंगालने शुरु की कुंडली
-25 चिह्नित,गन हाउस की भूमिका भी संदेहस्पद
खबर तफ्तीश रुद्रपुर।
एक तरफ जिला पुलिस ने 119 संदिग्ध हत्यारों के जब्तीकरण की कार्रवाई करने के बाद तस्दीक शुरु कर दी है। वहीं अब स्पेशल टास्क फोर्स ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियार रखने वालों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है,क्योकि एसटीएफ ने ही सबसे पहले काशीपुर में हथियार बरामदगी के साथ अभियुक्तों की धरपकड़ की थी। तो एसटीएफ ने पहले चरण में किच्छा से जसपुर तक के हथियार धारकों को चिह्नित कर लिया और बस दस्तावेजों की तस्दीक करनी बाकी हे।
बताते चले कि एसटीएफ को अप्रैल माह में एक इनपुट मिला था कि तराई भावर में फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर ऑटोमेटिक हथियारों की सप्लाई हो रही है। जिसके बाद एसटीएफ और साइबर क्राइम थाना पुलिस स्टेशन ने गोपनीय तफ्तीश शुरू कर दी थी और 200 शस्त्र लाइसेंस में से 25 फर्जी शस्त्र लाइसेंस को चिह्नित किया। मई माह में काशीपुर में तीन मुकदमे एसटीएफ ने दर्ज कराए और मई-जून माह में नौ से अधिक अभियुक्त की गिरफ्तारी,14 ऑटोमेटिक हथियार और 341 जिंदा कारतूस बरामद किये थे और पंजाब,हरियाणा जाकर दस्तावेजों की जांच भी की थी। इसी दौरान जिला पुलिस ने भी फर्जी लाइसेंस व हथियार मामले में अभियान चलाया और 119 सं दिग्ध हथियार बरामद कर जांच शुरु कर दी थी। चूंकि फर्जी लाइसेंस व हथियार प्रकरण का भंडाफोड़ एसटीएफ ने किया था। तो एसटीएफ ने एक बार फिर किच्छा से जसपुर तक लाइसेंस धारकों की एक सूची बनाई और 25 फर्जी लाइसेंस धारक चिह्नित कर डाले है। एसटीएफ प्रभारी एमपी सिंह का कहना है कि एसएसपी एसटीएफ के आदेशानुसार तफ्तीश जारी है और इसमें फर्जी लाइसेंस पर हथियार रखने वाले भी चिन्हित होंगे और धरपकड़ भी की जाएंगी। साथ ही यह भी पता चला कि फर्जी लाइसेंस की छिपाई जिस किताब पर होती है। गन हाउस संचालकों की जांच भी होगी।
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