सन्नी गिरफ्तार,भाजपा नेता पारस की गिरफ्तारी पर अटकी कहानी

-कार्य बहिष्कार कर कुमाऊं भर से जुटे लोग
-एक नहीं,कई बार लगा जाम,होती रही नोकझौक
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
सोमवार की सुबह दस बजे वाल्मीकि समाज का आक्रोश और हंगामा चलता रहा और प्रदर्शनकारियों का एक ही मुद्दा था कि अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो। जिसको लेकर कभी नगर निगम,तो कभी कोतवाली के सामने नैनीताल हाईवे जाम होता रहा और पुलिस धक्का मुक्की के साथ ही भीड़ के गुस्से का सामना करती हुई दिखाई दी।
सोमवार की सुबह दस बजे विभागों में कार्यरत कुमाऊं भर के वाल्मीकि समुदाय के कर्मी कार्य बहिष्कार कर रुद्रपुर आने शुरू हुए और देखते ही देखते निगम में वाल्मीकि समुदाय का जमावड़ा लग गया। महापौर विकास शर्मा,पूर्व मेयर रामपाल सिंह के साथ पार्षद और पर्यावरण मित्रों ने धरना दिया और जैसे-जैसे समय बीतता गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती रही। कभी पुलिस नगर निगम,तो कभी कोतवाली के सामने जाम लगा रही भीड़ को समझाती रही,क्योंकि प्रदर्शनकारी दो स्थानों पर जाम लगाते रहे। साढ़े चार बजे पांच सदस्य प्रतिनिधि मंडल एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी और प्रभारी सीओ अखिलेश कुमार के साथ वार्ता की और बताया कि नामजद आरोपी भाजपा नेता के भाई सन्नी चुघ को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी होगी,लेकिन भीड़ फिर भी भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ की गिरफ्तारी अडिग रही और फिर हंगामा काटने लगी। जिसके चलते पुलिस दिन भर बवाल से जूझती रही।
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मोहन को उठाया,परवेज से हाथापाई
रुद्रपुर। सोमवार दोपहर बारह बजे जैसे ही कांग्रेस नेता मोहन खेड़ा और भूत बंगला पार्षद परवेज कुरैशी ने अपना समर्थन दिया। वैसे ही कोतवाल प्रकाश दानू पुलिस कर्मियों के साथ आते है और कांग्रेस नेता मोहन को जबरन हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा देते है। जिसे देखकर पार्षद गाडी के आगे लेटा। तो पुलिसकर्मी हाथापाई करते हुए पार्षद को ले जाते है। जिसकी भनक लगते ही महानगर अध्यक्ष ममता रानी,पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, संजय जुनेजा भी कोत वाली आते है और कोतवाल से तीखी नोकझोंक करते है। काफी जद्दोजहद के बाद पुलिस ने दोनों नेताओं को निजी मुचलके पर रिहा किया।
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भावुक महापौर,होनी चाहिए गिरफ्तारी
रुद्रपुर। वाल्मीकि समुदाय के साथ आंदोलन में शामिल हुए महापौर विकास शर्मा ने भावुक होकर बोला कि सफाई व्यवस्था कई दिन तक चौपट रहे। उन्हे कोई परवाह नही,क्योकि घायल अभिषेक पर्यावरण मित्र का बेटा है और परिवार का मुखिया होने के नाते अभिषेक की जिंदगी बचाना जरुरी है,लेकिन उनकी पार्टी हो या फिर कांग्रेस नेता। मामले में राजनीति कर रहे है,लेकिन तक तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। वह वाल्मीकि समुदाय के साथ खड़े रहेगे।
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बिरादरी का हवाला देते रहे रामपाल
रुद्रपुर। पूर्व महापौर एवं 20 सूत्रीय क्रियावन समिति के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह गुस्साई भीड़ को बिरादरी का हवाला देते हुए समझाते रहे। उनका कहना था कि घायल अभिषेक समाज का बच्चा है और महापौर विकास शर्मा के साथ बरेली हॉस्पिटल जाकर घायल का हालचाल जाना। जिसका उपचार होना बेहद जरुरी है। आरोपियों को सजा मिलेगी,लेकिन समाज को समझदारी से आंदोलन करना होगा। किसी के भडकावे में आकर कानून व्यवस्था नहीं बिगाडे।
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आंदोलन के रण में कूदी कांग्रेसी
रुद्रपुर। भाजपा नेता प्रकरण में जहां वाल्मीकि समाज भारी आक्रोश में है। वहीं भाजपा हो या महापौर। डैमेज कंट्रोल कर श्रेय लेने की कोशिश कर रही थी। जिसकी भनक लगते ही कांग्रेस नेता पहुंचे और हिरासत में लिया ग या। वैसे ही कांग्रेस को भी मौका मिल गया और बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं के साथ कार्यकर्ता आंदोलन के रण में कूद पड़े और दिन भर वाल्मीकि समाज के साथ नारेबाजी करते रहे। जिस कारण आंदोलन भाजपा और कांग्रेस में बंट गया और दो धडे अलग-अलग आक्रोश जताने लगे।
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फोर्स का टोटा,बेबस दिखी पुलिस
रुद्रपुर। एक तरफ जिले का पुलिस और पीएसी हरिद्वार कावड मेले में तैनात है। जिले के थाना-कोतवाली में पुलिस फोर्स का टोटा पड़ा है। सोमवार को उग्र आंदोलन के दौरान सभी कार्यालयों के अलावा जिले के थाना कोतवाली से फोर्स बुलाया गया और बार-बार पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास करती रही,लेकिन गुस्साई भीड़ की तादाद काफी थी। पुलिस रोकने में बेबस दिखी और नैनीताल हाईवे कई बार जाम होता रहा।
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प्रारंभिक तफ्तीश में नहीं मिले अहम सुराग
रुद्रपुर। प्रभारी सीओ बाजपुर और जांच अधिकारी अखिलेश कुमार ने वाल्मीकि समुदाय को समझाने का प्रयास किया कि प्रारंभिक जांच में जो सीसीटीवी फुटेज सामने आई है। उसमें स्कॉर्पियो द्वारा स्कूटी को टक्कर मारने की दिख रही है। घायल जतिन-अभिषेक पर हमले के अभी कोई साक्ष्य सामने नहीं आए है। जिसमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है और पुलिस साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रही है। जिसे सुनकर वाल्मीकि समाज ने पुलिस की कहानी को दरकिनार कर दिया।
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