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ठगों पर शिकंजा,एसटीएफ साइबर चलाएंगी साइबर ड्राइव

ठगों पर शिकंजा,एसटीएफ साइबर चलाएंगी साइबर ड्राइव
-बैक कर्मी और म्यूल खातों का होगा सत्यापन
-आईजी एसटीएफ ने जारी की गाइडलाइन
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
साइबर क्राइम ग्राफ को रोकने के मकसद से पुलिस और एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। एक तरफ पुलिस ने साइबर हॉट स्पॉट की मुहिम चलाई । वहीं दूसरी तरफ अब एसटीएफ की साइबर सेल ने साइबर ड्राइव अभियान चलाएंगी। इस अभियान के तहत उन बैंकों को चिह्नित किया किया जाएगा। जिसमें सबसे ज्यादा साइबर ठगी की रकम की निकासी होती है। जिस को लेकर आईजी एसटीएफ ने एक गाइडलाइन भी जारी की है।
जारी गाइडलाइन के अनुसार साइबर क्राइम थाना पुलिस स्टेशन एसटीएफ की टीम सबसे पहले पंजीकृत मुकदमों की एक सूची तैयार करेगी और यह जानने का प्रयास करेगी कि सबसे ज्यादा साइबर ठगी की रकम किस बैंक से निकाली जाती है,क्योंकि संदेह यह भी है कि बिना बैंक कर्मी की मिलीभगत के फर्जी चेक या म्यूल खातों से रकम निकालना संभव नहीं है। साथ ही ठगी करने वाला अभियुक्त बाहर का है या फिर स्थानीय। वह किस नाम से सिम और फर्जी चेक या फर्जी एटीएम का इस्तेमाल करता है। दरअसल देखा गया है कि खाताधारक अपना खाता खुलवाकर साइबर ठग को गिरवी में देता है और पकड़े जाने पर अनभिज्ञ बनता है। इन सभी बिंदुओं को लेकर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मशक्कत शुरु कर दी है।
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सीएससी व फाइनेस बैक की होगी जांच
रुद्रपुर। नये तरीके के अनुसार साइबर ठग बैक खाते के माध्यम से साइबर ठगी की रकम निकालते है,लेकिन जैसे-जैसे शिकंजा कसता गया। वैसे ही ठगों ने भी अपना तरीका बदल डाला। गहन अध्ययन में यह पता चला कि ठग सीएससी सेंटर या फिर छोटे-छोटे समूह वाले फाइनेस बैक से सांठगांठ कर ठगी की रकम को खपा रहे है और छोटी रकम के जरिए पैसा निकालते है। इन सभी को लेकर एसटीएफ सभी सीएससी व छोटे फाइनेस बैक की जांच भी करेगी।
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पूरे प्रदेश में शुरू होगा साइबर ड्राइव अभियान
रुद्रपुर। एसटीएफ आईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि साइबर ठगी की रोकथाम को हर प्रदेश अपने स्तर से अभियान चलाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एसटीएफ उत्तराखंड को भी साइबर ड्राइव अभियान संचालित करने का आदेश दिया है,क्योकि अक्सर साइबर ठग उत्तराखंड में बैठकर बाहरी प्रदेशों में ठगी करता है और बाहरी प्रदेश का ठग उत्तराखंड के साइबर ठग से संपर्क कर नेटवर्क संचालित करता है। जिसको लेकर गाइडलाइन जारी की है।
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