भाकियू टिकैत का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन हुआ समाप्त

-प्रदेश सरकार को दिया एक माह का अल्टीमेटम
-सोमवार को तीन बजे डीएम के साथ होगी बैठक
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से डीएम कार्यालय मुख्य गेट पर डटे भारतीय किसान यूनियन टिकैत से जुड़े किसानों का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन वार्ता के बाद अस्थाई तौर पर समाप्त हो गया है। इस दौरान किसान नेताओं ने जहां प्रदेश सरकार को एक माह का अल्टीमेटम दिया। वहीं स्थानीय मुद्दों को लेकर सोमवार की दोपहर तीन बजे जिलाधिकारी के साथ बैठक का निर्णय लिया। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार किसानों ने आंदोलन समाप्त करने पर हामी भरी और जिला एवं पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बता दे कि 21 अगस्त को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता की मौजूदगी में किसानों ने किसानों के सभी ट्यूबवेल का बिजली बिल माफ,घरेलू मीटर पर 300 यूनिट बिजली फ्री देने,कर्ज में डूबे किसानों का सभी कर्ज माफ करने,पर्वतीय जिलों के किसानों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह हित भत्ता देने,बाजपुर 20 गांवों की भूमि पर मालिकाना हक देते हुए खाद,क्रय-विक्रय की अनुमति प्रदान करने,बंद पड़ी काशीपुर चीनी मिल के कारण किसानों का बकाया 25 करोड़ रुपये अविलंब जारी कर ने,उत्तराखंड में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने,किसानों को 700 रुपये प्रति कुंटल गन्ना मूल्य व सभी वर्गो को भूमि का अधिकार देने को लेकर डीएम कार्यालय के मु ख्य गेट पर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया था। तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन की अवधि पूरी होने के बाद रविवार की सुबह से ही आला अधिकारी किसान नेताओं को समझाने की कोशिश कर रहे थे। कई दौर की वार्ता विफल भी हुई,लेकिन शाम पांच बजे आखिरी दौर की वार्ता के बाद किसान नेताओं ने आंदोलन को अस्थाई तौर पर समाप्त करने का निर्णय लिया और प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम दिया कि एक माह के अंदर शासन स्तर के मुद्दों का समाधान करे। अन्यथा अगला आंदोलन देहरादून में होगा। दूसरी तरफ किसानों ने सोमवार की दोपहर तीन बजे डीएम के साथ बैठक का प्रस्ताव रखा। जिसमें किसानों के स्थानीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा कराए जाने पर अधिकारियों ने हामी भरी और भाकियू टिकैत का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हुआ और पुलिस एवं जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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एक नहीं,बल्कि कई बार वार्ता हुई विफल
रुद्रपुर। पिछले तीन दिनों से जिला प्रशासन भाकियू का आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रहा था। चूंकि किसानों ने तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का ऐलान कर दिया था। तो प्रशासन ने संयम से काम लिया और तीसरा दिन पूरा होते ही रविवार की दोपहर दो बजे से वार्ता की शुरुआत की। पहली वार्ता में खुद प्रभारी जिलाधिकारी/ सीडीओ दिवेश शासनी,एसडीएम मनीष बिष्ट,एसपी सिटी डॉ उत्तम सिह नेगी ने मोर्चा संभाला,लेकिन वार्ता विफल रही। दूसरा प्रयास और शाम पांच बजे तीसरी वार्ता सफल रही।
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डीएम से मिलने पर अटकी रही वार्ता
रुद्रपुर। रविवार की सुबह भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने ऐलान किया था कि जब तक डीएम खुद धरनास्थल आकर ज्ञापन नहीं लेते है और ठोस आश्वासन यह नहीं देते है कि शासन स्तर पर क्या वार्ता हुई। धरना समाप्त नहीं होगा। दोपहर दो बजे प्रभारी डीएम ने बताया कि डीएम को पारिवारिक कारणों से आपात स्थिति में देहरादून जाना पड़ा। तो किसान नेताओं का रुख नरम पड़ गया और खुद डीएम ने फोन पर वार्ता भी की।
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जब आपस में हुई बहसबाजी
रुद्रपुर। हुआ यू कि शाम पांच बजे जैसे ही किसान नेताओं ने धरना प्रदर्शन को अस्थाई तौर पर समाप्त करने का फैसला सुनाया। तो ज्यादातर किसान इस फैसले का विरोध करने लगे और नेताओं व किसानों ने काफी बहसबाजी भी हुई। आखिरकार बाद यह बताया कि शासन स्तर पर उठाए गए मुद्दों पर मंथन चल रहा है और किसानों को सरकार के नीतिगत मुद्दों पर फैसला लेने का समय देना चाहिए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद किसानों को समझाया गया।
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बोले प्रदेश अध्यक्ष:-अब होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
रुद्रपुर। अस्थाई तौर पर आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा करते हुए भाकियू टिकैत के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि सरकार का एक माह का समय दिया है और सरकार अपना रुख साफ नहीं करती है। तो सितंबर माह के बाद देहरादून कूच होगा और यह आंदोलन अनिश्चितकालीन होगा। साथ ही उन्हें भरोसा है कि स्थानीय मुद्दों का समाधान जिला प्रशासन करेगा। अन्यथा यूनियन केंद्रीय किसान आंदोलन की गाथा दोहराएगी।
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