हंसा-बंसा सगे भाईयों सहित पांच है जिले के मोस्ट वांटेड
-एसटीएफ की टॉप-5 की लिस्ट में है बदमाश
-एक लाख से 50 हजार तक है ईनाम
मनोज आर्या,रुद्रपुर।
अमृत विचार:-ऊधमसिंह नगर पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद जब जिले के टॉप-5 फरार चल रहे बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं हुई। तो अब ईनामी-फरार बदमाशों को एसटीएफ ने अपनी टॉ प-5 की लिस्ट में शामिल कर लिया है और लगातार बदमाशों की सरगर्मी से तलाश भी कर रही है। बताया जा रहा है कि फरार बदमाश इतने शातिर है कि वर्षो से फरारी काटने के बाद भी अपना कोई सुराग नहीं छोड रहे है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चित हंसा और बंसा सगे भाई है। जो कि हत्या के मामले में सजायाफ्ता है और वर्ष 2015 से सितारगंज की जेल से फरार है। अब इन इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी करना एसटीएफ के लिए चुनौती बनी हुई है।
तराई भावर में वैसे तो कई बड़े बदमाशों की धरपकड़ भी हुई और कई इनामी बदमाश ज्यादा समय तक फरारी भी नहीं काट पाए। लेकिन पिछले कुछ सालों से जिले के पांच इनामी बदमाश ऐसे है। जो पुलिस और एसटीएफ के लिए एक चुनौती है। पुलिस द्वारा हर विधिक कार्रवाई के साथ ही इनामी बदमाश भी घोषित कर दिया,लेकिन अब एसटीएफ को इन शातिर बदमाशों की गिरफ्तारी करने का जिम्मा सौंपा गया है,क्योकि हर बदमाश पर एक लाख से 50 हजार तक ई नाम घोषित है और एसटीएफ इनामी-फरार बदमाशों को टॉप-5 की लिस्ट में शामिल कर चुकी है। इनमे से ज्यादा चर्चित हंसा-बंसा सगे भाई है। जो हत्या के मामले में वर्ष 2015 से सितारगंज की संपूर्णानंद जेल से फरार है और 50 हजार के इनामी भी है। इसके अलावा मंडी इलाहाबाद की रहने वाली अर्चना पाठक पर धोखाधड़ी का मुकदमा व 50 हजार का इनाम,वर्ष 2023 में एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाने के साथ ही पोक्सो की धारा में शाहदरा नई दिल्ली निवासी लोकेंद्र सिंह खाती पर भी 50 हजार का इनाम है। अगर एक लाख के इनामी बदमाश की बात करे। तो तल्लीताल नैनीताल के रहने वाले अतुल बिष्ट पर वर्ष 2003 में हत्या के प्रयास, रंगदारी और गैंगस्टर का मुकदमा पंजीकृत है। जो संगठित गिरोह के साथ मिलकर संगीन वारदातों को अंजाम देता है। पुलिस द्वारा अभियुक्त पर एक लाख का इनाम भी घोषित किया है।
——————
कोड
2008 में भाइयों को आजीवन कारावास
रुद्रपुर। मूलरूप से टूुकड़ी खाना नानकमत्ता के रहने वाले सगे भाई हंसराज उर्फ हंसा और हरबं श उर्फ बंसा द्वारा वर्ष 2004 में शाहजहांपुर के एक व्यक्ति का निर्मम हत्या का मुकदमा दर्ज था और जनवरी वर्ष 2008 में अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 31 जुलाई 2011 को देहरादून जेल से सगे भाईयों को संपूर्णानंद शिविर खुली जेल में स्थानांतरित किया गया। वर्ष 20 15 को 26 कैदियों के साथ धान रोपाई के दौरान वर्ष 2015 की सुबह गिनती के दौरान सगे भाई गायब थे और पुलिस ने काफी खोजबीन की,लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। यहीं कारण है कि सजायाफ्ता सगे भाई करीब ग्यारह साल से फरारी काट रहे है।
——————
कोड
19 सालों से फरार है गैगस्टर अतुल
रुद्रपुर। नैनीताल जनपद का रहने वाला गैंगस्टर अतुल बिष्ट अपने अपराधी गिरोह के साथ मिल कर हत्या,हत्या के प्रयास,नशा तस्करी जैसे कई जघन्य अपराध करता था। उसकी गैग में रामन नगर,बिजनौर यूपी,लोहाघाट चंपावत,पूर्वी चंपारण बिहार,अलवर राजस्थान टुडे बदमाशों की फौज थी और पुलिस के लिए आफत बना हुआ था। वर्ष 2003 में पुलिस की सख्ती और गिरफ्तारी के बाद अतुल फरार हो गया था और वर्ष 2022 में पुलिस ने एक लाख का इनामी घोषित कर दिया और वह पिछले 19 सालों से फरार चल रहा है।
——————
कोड
गिरफ्तारी को फिर शुरू हुई मशक्कत
रुद्रपुर। हालांकि एसटीएफ इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के कई बार प्रयास कर चुकी है,लेकिन अब एसटीएफ ने इन टॉप-5 फरार बदमाशों को अपनी हिट लिस्ट में शामिल कर लिया है और एक बार फिर एसटीएफ ने गिरफ्तारी को मशक्कत करनी शुरू कर दी है,क्योकि फरार बदमाशों की गिरफ्तारी करना एसटीएफ को एक चुनौती है। अब देखना यह है कि एसटीएफ कितना कारगर सिद्ध होगी। हालांकि आला अधिकारी फरार ईनामी बदमाशों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
———————