ऊधमसिंह नगर को मिर्जापुर बनाने की कोशिश में क्रिमिनल
-महज पांच माह में बरामद हुए ऑटोमेटिक हथियार
-बना सकता है कि सुरक्षा के लिए खतरा
खबर तफ्तीश,रुद्रपुर।
ऊधमसिंह नगर को मिर्जापुर फिल्म की तर्ज पर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसको लेकर बाहरी प्रदेशों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हो चुका है। जो फर्जी शस्त्र लाइसेंस हो या फिर ऑटोमेटिक खतरनाक हथियारों की सप्लाई कर जिले की कानून व्यवस्था को ध्वस्त करना चाहता है। हालांकि एसटीएफ हो या पुलिस प्रशासन लगातार अवैध हथियार सप्लायर की धरपकड़ कर रही है। यहीं कारण है कि महज पांच माह के अंदर सिर्फ एसटीएफ की टीम ने भारी संख्या में ऑटोमेटिक हथियार और जिंदा कारतूसों का जखीरा बरामद किया और फर्जी लाइसेंस के अलावा अवैध ऑटोमेटिक हथियार रखने वाले गिरोह की धरपकड़ की है। ऐसा माना जा रहा है कि यदि समय रहते सक्रिय गिरोह पर अंकुश नहीं लगाया। तो यह जिले ही नहीं,बल्कि उत्तराखंड के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।
बताते चले कि वर्ष 2025 की माह जुलाई,सितंबर,दिसंबर हो या फिर वर्ष 2026 का जून-जुलाई का माह हो। जिसको ले कर एसटीएफ कुमाऊं ने महज इन पांच माह के भीतर 16 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर चुकी है। 32 ऑटोमेटिक हथि यार,19 मैगजीन के अलावा 405 जिंदा कारतूस की बरामदगी की है और 14 से अधिक अवैध शस्त्र लाइसेंस धारक प्रकरण में लाइसेंस की बरामदगी कहै। यदि जुलाई माह की बात करे,तो जुलाई माह में थाना आईटीआई काशीपुर से हर्ष शर्मा को दो .32 बोर पिस्टल,जुलाई माह में बागवाला रुद्रपुर निवासी खजान सिंह से दो ऑटोमेटिक पिस्टल और 16 मैगजीन,सितंबर माह में बाजपुर निवासी बिसारत अली से दो ऑटोमेटिक पिस्टल व दो मैगजीन,दिसंबर माह में मोहम्मद कासिम निवासी ग्राम धनसारा बाजपुर से चार ऑटोमेटिक पिस्टल,एक बंदूक,चार जिंदा कारतूस बरामद किये है। इसके अलावा मार्च 2026 में संदीप चौहान निवासी डिबडिबा यूपी से तीन तमंचे व 11 कारतूस,जितेंद्र वीरत चौधरी से और आजाद नगर ट्रांजिट कैंप निवासी सुमित राठौर से तीन तमंचे व दस कारतूस बरामद किये है। अब बात करे जून व जुलाई माह की। तो एसटीएफ ने एक ऐसे सिडिकेट का पर्दाफाश किया है। जो फर्जी शस्त्र लाइसेंस की आड़ में अवैध ऑटोमेटिक हथियारों की खेप रखते है। जिसके तहत एसटीएफ ने मुख्य आरोपी सौरभ अग्रवाल,अमित पाल,विक्रम जीत सिंह और करमजीत सिंह से पंप एक्शन गन,कई ऑटोमेटिक पिस्टल-रिवाल्वर के अलावा 314 जिंदा कारतूस की बरामदगी की और 14 से अधिक फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये है। अभी एसटीएफ कई ऐसे अपराधियों की धरपकड़ कर सकती है। जिनको चिह्नित कर रडार पर रखा गया है।
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कोट
तो क्या तराई में सक्रिय हो रहे गैंगस्टर
रुद्रपुर। जिस प्रकार एसटीएफ की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए बडी तादाद में ऑटोमेटिक हथियार बरामद क र भारी संख्या में कारतूस की बरामदगी की है। ऐसे में यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि शायद तराई भाबर में कही गैंगस्टर तो सक्रिय तो नहीं हो रहे है। जो अवैध शस्त्र लाइसेंस की आड में ऑटोमेटिक हथियार इकठ्ठा कर रहे हो। यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि यूपी पुलिस की सख्ती और एनकाउंटर के बाद क्रिमिनल सीमावर्ती जिला ऊधमसिह नगर की रुख कर रहे हो। जिसका अंदाजा एसटीएफ भी लगा रही है,क्योकि तराई भावर के इतिहास में अभी तक ऐसा कभी नहीं हुआ है कि कुछ माह के अंदर ही इतनी बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हो रहे हो,क्योंकि तराई भाबर के ज्यादातर लोगों के पास वैध लाइसेंस के हथियार है।
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कोट
पुलिस-प्रशासन करेगी लाइसेंस की तफ्तीश
रुद्रपुर। एसटीएफ ने एक रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय और शासन को भेजी। जिसमें एसटीएफ ने यह अनुरोध किया है कि जिस प्रकार 14 से अधिक फर्जी शस्त्र लाइसेंस की बरामदगी हुई है। उससे साफ है कि जिला प्रशासन द्वारा बनाएं गए लाइसेंस धारकों की तस्दीक की जाएं। उससे तराई भाबर में वास्तविक लाइसेंस धारक की तस्दीक होगी और इससे ज्यादा लाइसेंस सामने आने पर एसटीएफ आसानी से अवैध हथियार धारक को चिह्नित कर लेगी। साथ ही गन हाउस संचालकों की भी निगरानी करने के लिए एसटीएफ ने ठोस रणनीति बनाने का फैसला लिया है। अब देखना यह है कि एसटीएफ का यह सुझाव का क्या परिणाम होता है। यह आने वाला समय ही बताएंगा।
कोट
पिछले कुछ माह से सीमावर्ती जनपद ऊधमसिंह नगर में अवैध हथियार व फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में एसटीएफ ने कई बड़ी कार्रवाई की और ऑटोमेटिक हथियार भी बरामद करते हुए ताबड़तोड़ गिरफ्तारी भी की है। यह कहना सही है कि ऑटोमेटिक हथियार की आवाजाही सुरक्षा के लिए खतरा है। जिसको लेकर एसटीएफ लगाकर गिरोह को ध्वस्त करने में लगी है। एसटीएफ के अलावा पुलिस प्रशासन भी अपने स्तर पर कार्रवाई करता रहता है। किसी भी सूरत में सीमावर्ती जनपद को क्रिमिनल या फिर गैंगस्टर की रोकथाम करना है। एसटीएफ हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
अजय सिंह,एसटीएफ एसएसपी।
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