कारोबार दिखाकर बैंक को लगाया 42.62 करोड़ का चूना
-हल्द्वानी-लालपुर के पार्टनर ने रचा खेल
-पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की तफ्तीश
ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।
- कोतवाली इलाके में स्थित एक बैक को करोड़ों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। बताया कि हल्द्वानी व लालपुर के रहने वाले अभियुक्तों ने बैंक में अपना-अपना कारोबार दिखाया और कारोबार को बढ़ाने के लिए बैंक से टर्म लोन उठाया। जब किश्त जमा नहीं हुई,तो पता चला कि बैंक में रखे दस्तावेज पर भी बैक लोन लिया जा चुका है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइंस रुद्रपुर स्थित वरिष्ठ शाखा प्रबंधक डीएस पांडेय ने बताया कि 23 जून 2017 को मैसर्स नैनी ऑटो टेक गांव शिमला पिस्तौर लालपुर का रजिस्टर्ड बद्री विशाल कॉलोनी कुसुमखेड़ा द्वारा अपने पार्टनर जीवन चंद्रा निवासी छडैल नवा बाद हल्द्वानी,सूची भारद्वाज निवासी आइडिया कॉलोनी लालपुर,विशाल सिंह निवासी रा माजी बिहार देवलचौड हल्द्वानी,गीता शाह निवासी नैनी ऑयल मील हल्द्वानी द्वारा एक ही तिथि को बैंक आते है और कैश क्रेडिट,टर्म लोन के माध्यम से अपना एक-एक प्लांट और मशीनरी दिखाकर 42.62 करोड़ का बैंक ऋण लिया था। बैंक द्वारा टर्म लोन की शर्तों के अनुसार लोन धारक अभियुक्तों की सारे दस्तावेज बंधक बना लिया और सभी के खाते-खाते में रकम का भुगतान भी कर दिया। साथ ही लोन ईएमआई की विवरण भी दिया। भुगतान नहीं किया,तो 29 दिसंबर 2019 को लोन धारकों का एनपीए किया और परिसंपत्तियों की जांच शुरू की। तो 15 मार्च 2024 को जानकारी मिली कि हल्द्वानी व लालपुर के रहने सभी ऋण धारकों द्वारा जो दस्तावेज बैंक में बंधक रखे हुए थे। वह पहले से दूसरे बैंक में बंधक है और बैंक द्वारा दिखाए गए प्लाट व मशीनरी को जब्त कर लिया है। जिससे साफ था कि सभी अभियुक्तों ने शातिराना अंदाज में बैक को झांसा देकर दि नैनीताल बैंक को 42.62 करोड़ की आर्थिक क्षति पहुंचाई और पुलिस ने भी मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी।
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डीएम की अदालत में हुई थी सुनवाई
रुद्रपुर। वरिष्ठ बैंक प्रबंधक द्वारा जब अभियुक्तों के खिलाफ जिलाधिकारी के समक्ष एक याचिका डाली और सुनवाई के माध्यम से लोन धारक अभियुक्तों की संपत्ति राजस्व विभाग के माध्यम से कब्जा कराने का मुद्दा उठाया। तो वित्तीय परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण व पुनर्निर्माण व प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम के तहत पता चला कि अभियुक्तों की संपत्ति बैक में बंधक है। जिसके बाद से षड्यंत्रकारी अभियुक्त सुनवाई के बाद से ही गायब होने लगे और काफी खोजबीन के बाद भी याचिकाकर्ता बैक को कुछ नहीं मिला।
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बंधक दस्तावेज पर दिखाया पार्टनर
रुद्रपुर। हल्द्वानी व लालपुर के रहने वाले याचिकाकर्ता सभी अभियुक्त इतने शातिर है कि उनके द्वारा जो दस्तावेज और प्लांट बैक में दिखाया था। वह सभी अभियुक्तों के अलग-अलग कारोबार के थे और सभी पर पहले से लोन लिया जा चुका था। यहीं कारण है कि दूसरे बैंक में बंधक दस्तावेज पर सभी अभियुक्तों ने एक पार्टनरशिप डीड बनाई और फिर यह कहकर नैनीताल बैंक में आवेदन किया कि हम सभी इन सभी फर्म के संचालक है और अपना कारोबार का विस्तारीकरण करना चाहते है। सभी दस्तावेज देखकर ही बैंक ने 42.62 करोड़ का लोन स्वीकृत कर डाला।
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