उत्तराखंड में खच्चर खातों का साम्राज्य,साइबर टीम अलर्ट

उत्तराखंड में खच्चर खातों का साम्राज्य,साइबर टीम अलर्ट

-प्रदेश में शुरू हुआ खाता सत्यापन अभियान

-आईजी एसटीएफ भी संजीदा,चार जिले अहम

मनोज आर्या,रुद्रपुर।

खबर तफ्तीश -एसटीएफ की साइबर क्राइम थाना पुलिस की प्रारंभिक तफ्तीश में बेहद ही चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि उत्तराखंड में म्यूल यानी खच्चर खातों का साम्राज्य स्थापित होता जा रहा है और साइबर क्रिमिनल बड़े पैमाने पर खच्चर खातों को खोल भी चुके है। जिसमें चार जिले अहम है,क्योकि महज ऊधमसिंह नगर में ही डेढ से दो हजार म्यूल खाते होने की प्रबल संभावना है और साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कई खातों को चिह्नित भी कर लिया है। जिसको लेकर एसटीएफ आईजी ने साइबर टीम को एक गाइड लाइन भी जारी की है और अभियान चला भी दिया है। अब देखना यह है कि यदि साइबर पुलिस टीम वास्तव में खच्चर खातों को साफ कर देती है। तो वास्तव में साइबर क्रिमिनल पर कडा प्रहार होगा।

बताते चले कि आधुनिक युग में आधुनिक तकनीक इतनी बढ चुकी है कि ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है कि जो मोबाइल या फिर इंटरनेट बैंकिंग और खातों का ऑनलाइन आदान प्रदान नहीं करता हो। जैसे-जैसे साइबर क्राइम बढा। वैसे ही साइबर क्राइम थाना पुलिस भी एक्टिव मूड में आई। कड़े परिश्रम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर साइबर पुलिस यह तो समझ चुकी थी कि साइबर क्रिमिनल म्यूल खातों का ही प्रयोग करते है। महज ऊधमसिंह नगर साइबर क्राइम थाना पुलिस की तफ्तीश की बात करें। तो केवल जिले में करीब डेढ से दो हजार म्यूल यानी खच्चर खाते कई बैंकों में खोले गए। ऐसे में कल्पना करे कि प्रदेश हो या फिर देश में अनगिनत खाते खुले होगे। मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय के संज्ञान में आया। तो उत्तराखंड की एसटीएफ भी सक्रिय हुई और फौरन आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे ने म्यूल खातों को चिह्नित करने का अभियान चलाने का आदेश दिया। जिसमें ऊधमसिंह नगर,देहरादून,हरिद्वार और नैनीताल जिले को अह म रखा गया है। साइबर पुलिस का दावा है कि जिस प्रकार उत्तराखंड में खच्चर खातों को चिह्नित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। वैसे ही देश के सभी राज्य सक्रिय हो जाते है। तो वास्तव में यह मुहिम साइबर ठग या फिर धोखाधडी करने वाले संगठित गिरोह की कमर तोड देगी और साइबर क्रिमिनल पर कडा प्रहार होगा,क्योंकि काली कमाई का काला धन हो या साइबर ठग की मोटी रकम। इन्हीं खाते से दूसरे खातों में आदान प्रदान होती है और यही कडी को तोड दिया जाएं। तो साइबर ठगी का पैसा खपाना संभव नहीं होगा।

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गांव-देहात में खुले है सबसे ज्यादा खाते

रुद्रपुर। साइबर क्रिमिनल एक संगठित गिरोह है। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि खच्चर खाते सबसे ज्यादा गांव देहात स्थित बैक खातों में खोले गए है,क्योकि अक्सर शहरी इलाकों पर ही लाखों-करोडों रुपये का आदान-प्रदान होता है,लेकिन साइबर क्रिमिनल छोटे कस्बों में इसलिए खाते खोलते है। जिसमें पर्सनल या फिर करंट खाता होता है। जांच में यह भी पता चला कि करंट खाते सबसे ज्यादा है,क्योकि इस नगद आहरण पर कोई आपत्ति नहीं होती है। प्रारंभिक जांच में दिनेशपुर,गदरपुर,बाजपुर के कई ऐसे छोटे-छोटे गांव है। जहां खाते खुले है और साइबर उसकी तस्दीक करने में जुटी है।

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