बेबस पुलिसकर्मी:-ढाई लाख की आबादी पर चुनिंदा पुलिस कर्मी

बेबस पुलिसकर्मी:-ढाई लाख की आबादी पर चुनिंदा पुलिस कर्मी

-20 किलोमीटर के दायरे में फैला है पंतनगर

-सिडकुल चौकी में छह,कोतवाली में महज 20 कर्मी

ख़बर तफ्तीश रुद्रपुर।

-थाना पंतनगर का लंबा चौड़ा इलाका हो या फिर औद्योगिक आस्थान सिडकुल में स्थापित सिडकुल चौकी हो। यहां हर पुलिस वाला बेबस और हमेशा तनावग्रस्त रहता है,क्योकि जिस दायित्व को निभाना चाहता है। वह चं द पुलिस कर्मियों के लिए कर पाना संभव नहीं है,क्योकि पुलिस मानकों के अनुसार जनसंख्या के आधार पर कोतवाली और चौकी में पुलिस कर्मियों की तैनाती होती है। वह संख्या उससे भी बेहद कम है और लगातार अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ऐसे में उद्यमियों हो या फिर आम जनता। उसकी सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी मानसिक दबाव से गुजर रहा है।

अगर कोतवाली पंतनगर या फिर सिडकुल चौकी के क्षेत्रफल या दायरे की बात करे। तो कोतवाली पंतनगर का इलाका 20 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ। आबादी घनत्व दूर-दूर बसा है। वहीं सिडकुल औद्योगिक आस्थानों के आंकड़ों के अनुसार सिडकुल में वर्तमान 470 कंपनियां संचालित है और महज सिडकुल कंपनियों में ही डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक हो या फिर कर्मी कार्यरत है। पंतनगर इलाके में किच्छा विधानसभा लालपुर का कुछ हिस्सा,शांतिपुरी,नगला के अलावा नैनीताल-हल्द्वानी का बॉर्डर सहित छतरपुर व जयनगर और पंतनगर विवि का पूरा कैंपस कोतवाली पंतनगर में आता है। जिसकी कुल मिलाकर ढाई लाख से अधिक की आबादी है। अब सवाल यह उठता है कि कोतवाली पंतनगर और सिडकुल चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या का आकलन करे। तो बेहद हैरानी होगी कि जनसंख्या के हिसाब से पुलिसकर्मियों की तैनाती बेहद कम है। यहीं कारण है कि सीमित संसाधनों के साथ 20 किलोमीटर दायरे का रोज गश्त करना और प्रत्येक नागरिक या फिर उद्योगों की रक्षा करना संभव होगा। इसी को सोच-सोचकर हर अधिकारी और पुलिसकर्मी तनावग्रस्त रहता है।

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एक दरोगा-छह सिपाही

रुद्रपुर। सिडकुल पुलिस चौकी की बात करें, तो सिडकुल में 470 कंपनियां संचालित है और महज फैक्ट्रियों में काम करने वाले डेढ़ लाख से अधिक कर्मी है। सिडकुल में वर्तमान तैनाती सिडकुल चौकी प्रभारी,एक सह प्रभारी के अलावा महज छह पुलिसकर्मी है। जिनको सिडकुल की यातायात व्यवस्था के साथ ही फैक्ट्री श्रमिकों के छूटते वक्त देर रा त का गश्त करनी की जिम्मेदारी भी है। ताकि किसी के साथ लूटपाट या आपराधिक घटनाओं को रोका जा सके। क्या यह संभव है कि एक पुलिस कर्मी रात्रि ही नहीं,बल्कि दिन में भी ड्यूटी कर सकता है।

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कोतवाली पंतनगर के भी नहीं है अच्छे हालात

रुद्रपुर। कोतवाली पंतनगर के अंतर्गत सिडकुल चौकी भी आती है। पंतनगर कोतवाली में कोतवाली प्रभारी के साथ ही 30 से 35  पुलिसकर्मी कार्यरत है। जिसके तहत पंतनगर विवि,एयरपोर्ट के अलावा वीआईपी मुमेट भी इसी इलाके में ज्यादा होते है। तैनात पुलिस कर्मियों में कुछ कार्यालय और एफआईआर सहित दस्तावेज का कार्य करते है और जैसे ही कोई वीवीआईपी का आगमन होता है। तो कोतवाली सूनसान पड जाती है और सभी कर्मियों को ड्यूटी पर जाना होता है। जिसमें कुछ महिला पुलिसकर्मी है।

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आबादी के हिसाब से होती है तैनाती

रुद्रपुर। अगर पुलिस कायदे कानून की बात कहे। तो नियम यह है कि किसी भी कोतवाली,थाना या चौकी इलाके की आबादी संख्या के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती होती है। नियम यह है कि पांच से सात हजार की आबादी करीब 15 से 20 पुलिसकर्मियों की तैनाती होनी अनिवार्य है। ताकि चौबीस घंटे की ड्यूटी के बाद हर पुलिसकर्मी को शिफ्ट के अनुसार अपनी डयूटी कर सके और मानसिक व शारीरिक प्रताडना से भी नहीं गुजरे,लेकिन यह कोई थाना पंतनगर या फिर सिडकुल चौकी इलाके की बात नहीं है। ज्यादातर जिले की थाना-चौकियों के हालात भी यही है।

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प्रदेश हो या फिर जिले के थाना-चौकियों में पुलिस कर्मियों की तैनाती करना शासन और पुलिस मुख्यालय स्तर का होता है। भर्ती के माध्यम से पुलिस कर्मियों की कमी को पूरा किया जाता है। पंतनगर हो या फिर सिडकुल सहित जि ले में कही भी बडे कार्यक्रम या फिर सुरक्षा व्यवस्था का मामला हो। पीएसी के अलावा जिले का फोर्स मिलकर काम करता है। जहां-जहां आबादी अनुसार पुलिस कर्मियों की कमी है। उसको पूरा करने के लिए पुलिस मुख्यालय को पत्राचार किया जाता है।

उत्तम सिंह नेगी,एसपी सिटी

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