महिला सिपाही की बेबसी, आखिर में मिली ऐच्छिक सेवानिवृत्ति
-पिछले कई माह से हर चौखट पर लगाई गुहार
-वर्ष 2024 में हुआ तबादला, परिवार में थी समस्या
खबर तफ्तीश रुद्रपुर
कहते हैं कि समाज की सुरक्षा करने में पुलिस सजग प्रहरी की तरह काम करता है, लेकिन जब अपने ही विभाग की एक महिला सिपाही ने अपनी बेबसी को रखा तो आला अधिकारियों ने अनसुना कर दिया। ऐसी कोई चौखट नहीं थी जहां महिला सिपाही ने अपनी गुहार नहीं लगाई और आखिरकार बेबस होकर जैसे ही बीआरएस यानी ऐच्छिक सेवानिवृत्ति का पत्र दिया। जिसे विभाग ने फौरन स्वीकार कर लिया है।
मंगलवार को पुलिस कार्यालय में ऐच्छिक सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों को स्मृति चिन्ह देकर विदाई समारोह मनाया गया। इसमें एक महिला सिपाही दीपा भी थी। महिला से सेवानिवृत्त होने का कारण पूछा तो वह बेहद भावुक हो पड़ी। साथ ही बताया कि वह वर्ष 2006 में उत्तराखंड पुलिस में भर्ती हुई। वर्ष 2007 से वह पुलिस कार्यालय में तैनात थी और कुछ साल पहले फौजी से शादी की और रुद्रपुर के डिवाइन पार्क कॉलोनी में घर बना लिया और उसका एक बेटा भी है। अगस्त 2024 में उसका तबादला अल्मोड़ा हुआ।
महिला सिपाही का यह भी कहना था कि उसका स्वास्थ्य अक्सर खराब रहता है और निरंतर दवा भी चल रही है और स्कूल से आने पर बेटा घर पर अकेला रहता है। मायके या फिर ससुराल की तरफ से ऐसा कोई भी सदस्य नहीं है जो उसके घर पर आकर बेटे का ध्यान रख सके। इन सभी भावनाओं और परेशानी को देखते हुए वह पिछले कई माह से आला अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रही थी। यह भी कहना था कि उसने नजदीक या फिर किसी भी कार्यालय से संबद्ध करने का भी जिक्र किया था।
मगर कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार उसने बेबस होकर पुलिस कार्यालय में ऐच्छिक सेवानिवृति का पत्र दिया और पत्र पर फौरन स्वीकृति देकर मंगलवार को विदाई दे दी गई। भावुक हुई महिला सिपाही का कहना था कि जिस नौकरी को पाने के लिए कड़ा परिश्रम किया। ऐसी नौकरी को कौन छोड़ना चाहता है, लेकिन पुलिस परिवार की होने के बाद भी उसकी समस्या को किसी ने नहीं समझा।